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छह साल बीते लेकिन बेटियां अब भी असुरक्षित

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मुरादाबाद।
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देश को झकझोर कर रख देने वाले निर्भया कांड को 16 दिसंबर को छह साल हो जाएंगे । उस घटना के बाद कानून में संशोधन हुआ और कहा जाने लगा कि अब बेटिया सुरक्षित होंगी। लेकिन मुरादाबाद मडल के आंकड़े बताते हैं कि बेटियां अब भी सुरक्षित नहीं हैं। दुष्कर्म की वारदातों में मासूमाें से लेकर बुजुर्ग महिलाएं तक पीड़ित हैं। इन वारदातों में ज्यादातर आरोपी उनके जानकार हैं, कुछ वारदातें ऐसी भी हैं, जिनमें आरोपी जानकार नही है।
मंडल में इस साल 11 माह के अंदर 290 दुष्कर्म की वारदातें हुई हैं। अमरोहा में 50, बिजनौर में 60, मुरादाबाद में 88, रामपुर में 46 और संभल में दुष्कर्म के 46 मामले पंजीकृत किए हुए हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल दुष्कर्म की वारदातों में कमी आई है लेकिन अब भी बेटियां असुरक्षित हैं। छेड़खानी के 826 मामले इस साल 11 माह के अंदर मंडल में दर्ज किए गए हैं। अमरोहा में 82, बिजनौर में 151, मुरादाबाद में 287, रामपुर में 135 और संभल में 171 मामले दर्ज किए गए हैं। आईजी बीके सिंह ने बताया कि दुष्कर्म के मामलों में पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वह शिकायत मिलने पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करें। ज्यादातर मामलों में आरोपी जेल जा चुके हैं, जिन मामलों में आरोपी नहीं पकडे़ गए हैं, उनमें जल्दी ही गिरफ्तारी होगी।
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पिछले तीन साल में दुष्कर्म की वारदातें
जनपद 2018 2017 2016
अमरोहा 50 46 37
बिजनौर 60 80 76
मुरादाबाद 88 99 97
रामपुर 46 87 60
संभल 46 65 39

नारी उत्थान केंद्र से मिली बेटियों को राहत
मुरादाबाद। एसएसपी जे रविंद्र गौड ने पुलिस लाइंस में नारी उत्थान केंद्र बनवाया है। इस केंद्र के बनने से दुष्कर्म पीड़िताओं को मदद मिली है। यहां पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो कि दुष्कर्म पीड़िताओं और उनके परिवार से संपर्क करते हैं। केस की पैरवी में मदद करते हैं। दुष्कर्म पीड़िताओं की काउंसलिंग की जाती है, जिससे की वह आरोपियों के खिलाफ गवाही देने से न मुकरें और उनको न्यायालय से सजा दिलवा सकें।
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