सिविल लाइन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पर नगर निगम टीम को स्थानीय व्यापारियों का विरोध झेलना पड़ा। व्यापारियों ने नगर निगम की घेराबंदी कर जमकर हंगामा किया। पुलिस के पहुंचने पर टीम ने सड़क किनारे नालियों पर डाली गई स्लैब तोड़ सकी। दुकान तोड़ने के विरोध में एक महिला ने टीम के सामने आत्महत्या की धमकी तक दे डाली। हालांकि, एक घंटे बाद ही टीम को वापस लौटना पड़ा।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के नेतृत्व में टीम मंगलवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे सिविल लाइन पहुंची। टीम ने सड़क किनारे लगने वाले फड़ एवं ठेली वालों का सामान जब्त करने की कोशिश की। इससे उनमें भगदड़ मच गई। फड़ एवं ठेलियां गायब होने से टीम सिंडिकेट बैंक वाली लाइन में पहुंची और सड़क किनारे नालियों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी। नालियों पर पक्की स्लैब डालकर दुकानों के आगे कब्जा किया गया था। टीम के पक्की स्लैब तोड़ने से हंगामा हो गया। आसपास के व्यापारियों ने नगर निगम की टीम को घेर लिया। व्यापारियों ने निगम टीम पर एकतरफा कार्यवाही का आरोप लगाया। व्यापारियों ने कहा कि नगर निगम को शहर का अतिक्रमण नजर नहीं आ रहा है। व्यापारियों ने गंदगी से छुटकारा पाने के लिए नालियों के ऊपर स्लैब डाली हैं। व्यापारी खुद ही नालियों की सफाई करते हैं।
स्लैब तोड़ने का एक महिला ने पुरजोर विरोध किया। महिला ने कहा कि शहर और कालोनियों में लोगों ने पूरी की पूरी सड़क घेरी है। सड़कों पर कब्जा करने के साथ उनकी गाड़ियाें के लिए पार्किंग और जनरेटर लगे हैं। निगम को अतिक्रमण नजर नहीं आता है। महिला ने कहा कि उसकी दुकान के आगे नाली तोड़ी गई तो वह वहीं पर आत्मदाह करेगी। हंगामा होने पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम टीम ने 11 स्लैब और एक पटाल हटाई। जबकि एक खोखा हटाया गया। करीब साढ़े बारह बजे टीम वापस लौट आई।