कुवैत से जिया उल कमर का शव गुईंयाबाग पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। घर आने से पहले परिजनों ने जिया उल कमर के लिए दुल्हन देख ली थी। घर में निकाह की तैयारी की जा रही थी लेकिन पिछले सप्ताह सड़क हादसे में मौत होने के कारण समय से पहले घर पर जिला नहीं, बल्कि उनका शव आ गया।
जिया उल कमर (31) के परिवार में पिता जिया उल अख्तर, मां मेहरुन निशां, भाई मो. जुवैर है। पिता ने बताया कि पांच साल से जिया उल कमर कुवैत स्थित रिफायनरी में नौकरी करते थे। सवा माह पहले 25 फरवरी को ही वह कुवैत गए थे। वह बेटे का निकाह करना चाहते थे, 25 अप्रैल के बाद ही वहां से वापस घर आना था। एक अप्रैल को जिया उल कमर के परिजनों को उनके एक जानकार ने फोन कर हादसे की जानकारी। उसने बताया कि जिया उल कमर आफिस से बस में घर आ रहा था, रास्ते में दूसरी बस का टायर फट गया। दोनों बस की आपस में टक्क र हो गई, जिसमें जिया उल कमर सहित 17 लोगों की मौत हो गई है। घटना की सूचना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस संबंध में उन्हाेंने अभी शिकायत नहीं की है, बेटे की मौत से परिवार सदमे में है।