महिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। नवजात की मौत से महिला बेसुध हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कटघर थाना क्षेत्र निवासी प्रियंका वर्मा पत्नी राजकुमार वर्मा को प्रसव पीड़ा उठने पर गुरुवार सुबह नौ बजे महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का कहना है कि प्रियंका दर्द से तड़प रही थी, लेकिन उसका आपरेशन नहीं किया गया। अस्पताल स्टाफ ने डाक्टरों की कमी का हवाला देते हुए नार्मल डिलवरी होने का आश्वासन दिया। प्रियंका के ससुर अनिल वर्मा ने बताया कि गुरुवार की पूरी रात उनकी बहू दर्द झेलती रही। स्टाफ कर्मचारी नार्मल डिलवरी करवाने का प्रयास करते रहे। शुक्रवार सुबह करीब पौने बारह बजे प्रियंका ने सिजेरियन (आपरेशन) से बेटे को जन्म दिया। जन्म के 20 मिनट बाद ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
नवजात की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया और अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रियंका के ससुर अनिल वर्मा ने बताया कि बच्चे की हालत बेहद खराब थी। उसकी पल्स और दिल की धड़कन धीमी चल रही थी। अस्पताल स्टाफ ने बच्चे को निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। आर्थिक तंगी के चलते बच्चे को अस्पताल के ही गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया। लेकिन उसने दम तोड़ दिया। अनिल वर्मा ने बताया कि बच्चे की मौत से बहू प्रियंका की हालत भी बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। प्रियंका का पांच साल का बेटा और सात साल की बेटी है।
- प्रियंका की सिजेरियन डिलीवरी हुई। परिजन ही नार्मल डिलीवरी का इंतजार कर रहे थे। नार्मल डिलवरी नहीं होने पर सिजेरियन करना पड़ी। डिलवरी से पहले ही बच्चे के पेट में गंदा पानी जा चुका था, जिससे उसकी हालत खराब हुई। नवजात को एसएनसीयू में रखा गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। - डा. महेश, महिला अस्पताल