जेल भूमि और सीलिंग भूमि घोटाले में विजिलेंस की टीम दस्तावेजों का सत्यापन करने में जुटी है। दोनों घोटालों में मुरादाबाद के पूर्व डीएम जुहैर बिन सगीर और सेवानिवृत्त एडीएम एके श्रीवास्तव समेत 13 अधिकारी आरोपी हैं। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विजिलेंस ने सिविल लाइंस और मूंढापांडे थाने में इन अफसरों के खिलाफ सरकारी धन का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करने समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की तफ्तीश कर रही विजिलेंस अब जांच में मिले दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। टीम ने कलक्ट्रेट से इन दस्तावेजों की प्रतियां मांगी हैं।
एमडीए के कब्जे वाली अर्बन सीलिंग की करीब 68000 वर्ग मीटर भूमि को अधिकारियों ने ठिकाने लगा दिया था। इसी तरह जेल भूमि की खरीद में भी अधिकारियाें ने अपने पद का दुरुपयोग करके घोटाला किया था। इस मामले में तफ्तीश में जुटी विजिलेंस ने संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिए हैं। टीम ने प्राधिकरण और कलक्ट्रेट के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। मंगलवार को विजिलेंस ने संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के लिए अधिकारियों से दस्तावेज मुहैय्या कराने को कहा है। हालांकि विजिलेंस के पास पहले से सभी दस्तावेज हैं। एडीएम प्रशासन लक्ष्मीशंकर सिंह का कहना है कि विजिलेंस जांच में प्राप्त दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहती है।