जेल भूमि घोटाले में दो पूर्व तहसीलदारों और तीन लेखपालों का नाम सामने आया है। एक पूर्व एसडीएम की भूमिका भी जांच में गड़बड़ मिली है। एडीएम प्रशासन ने जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे शासन को भेजा जाएगा। एडीएम का कहना है कि जेल भूमि घोटाले में एक होटल व्यापारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इसी होटल व्यापारी से चार एकड़ भूमि पूर्व अफसरों ने चार गुना दाम पर राज्य सरकार के पक्ष में खरीदी थी।
रामपुर रोड पर जेल के लिए भूमि खरीद में अफसरों ने बड़े पैमाने पर घोटाला किया है। मामले की जांच कर रहे एडीएम प्रशासन लक्ष्मीशंकर सिंह का कहना है कि जेल प्रोजेक्ट के दायरे में नहीं होने के बावजूद सौरभ जैन नाम के व्यक्ति से अधिकारियों ने करीब चार एकड़ भूमि चार गुना दामों पर खरीदी। एडीएम का कहना है कि सौरभ ने चंद रोज पहले ही यह भूमि चौथाई कीमत पर खरीदी थी। बाद में अधिकारियों ने इसे राज्यपाल के नाम पर खरीद लिया। इसके बाद जेल प्रोजेक्ट के भीतर स्थित वक्फ की भूमि से इस भूमि का विनिमय किया गया। एडीएम का कहना है कि इस पूरे खेल में अधिकारियों की मिलीभगत थी। मुनाफा कमाने के लिए पूरा खेल खेला गया। एडीएम सिटी ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसे शासन को भेजा जाएगा। जांच में पूर्व में तैनात रहे तहसीलदारों और लेखपालों की भूमिका गड़बड़ मिली है। जिस व्यक्ति से भूमि खरीदी गई उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।