मुरादाबाद। डिलारी में ट्रैक्टर ट्राली पलटने से हुई छह लोगों की मौत के बाद लाकड़ी फाजलपुर में मातम पसरा हुआ है। वहां पर रहने वाले लोगों की आंखें नम हैं, जुबां खामोश है। बार बार रविवार रात को नाखूनका गांव में हुए हादसे के वक्त का वो मंजर याद आ रहा है, जिसमें दो बच्चों सहित छह लोगों की जान चली गई।
हादसे की जानकारी होने के बाद लोग सांत्वना देने के लिए परिवार वालों के पास पहुंच रहे हैं। अब तक परिवार वालों को सरकारी आर्थिक मदद नहीं की गई है। लाकड़ी में रहने वाले हीरालाल उर्फ गब्बर पॉलिश का काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी अंजू, चार बच्चे विकास, सोनिया, विवेक और हिमांशी हैं। परिवार में गब्बर इकलौते कमाने वाले थे। ऐसे में अब परिवार वालों को बच्चों की परवरिश की भी चिंता है। इसके अलावा हादसे में जो लोग जख्मी हुए हैं, वह सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसा लगा कि मानो एक झोका सा आया, वह जब तक कुछ समझ पाते तब तक ट्रैक्टर ट्राली पलट चुकी थी। उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिला। वहीं जयप्रकाश ने बताया कि इस हादसे ने उनकी इकलौती बेटी ज्योति को उनसे छीन लिया है। ज्योति की मां नीरज भी जख्मी हैं, उनका उपचार चल रहा है। रामेश्वरी उर्फ परमेश्वरी की मौत के बाद पुरा परिवार सहमा हुआ है। बेटा दीपक कई बार रो रोकर बेसुध हो चुका है। बिरमा देवी की मौत की वजह से बेटी ललिता उर्फ सुषमा, पुत्रवधू पारूल सहमी हुई हैं, उनका कहना है कि हादसे के वक्त मां बिरमा देवी ट्रैक्टर में बीच में बैठी हुई थी। इस वजह से उनको बचाने का प्रयास भी नहीं कर सकीं। यही हाल हादसे में जान गंवाने वाले दस वर्षीय भोलू उर्फ मोनू उफ मनु की मौत के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।