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मुख्य दरवाजे से घर के अंदर गया और बालकनी से भागा कातिल

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मुरादाबाद। मुख्य आरक्षी कविता की हत्या के मामले में पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। कविता के पिता का कहना है कि कत्ल करने वाला व्यक्ति कविता का जानकार है, उसने मुख्य दरवाजे से घर में प्रवेश किया और कविता की हत्या के बाद बालकनी के रास्ते ही घर से भागा है। इस वजह से ही बालकनी के पास कमरे का दरवाजा खुला रह गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बालकनी का दरवाजा ही है, जिसके जरिए पुलिस ने कविता के घर के अंदर प्रवेश किया था। वारदात को सुनसान इलाके में रात से सुबह के दरमियान अंजाम दिया गया है, ऐसे में पहली मंजिल से कूदकर आसानी से वहां से भागा जा सकता है। कविता के मकान के सामने कुछ निर्माणीधीन फ्लैट हैं, लेकिन उन फ्लैटों में कोई रहता नहीं है। कविता के पिता का कहना है कि कातिल को इस बारे में पुख्ता जानकारी थी कि वारदात के वक्त कविता घर में अकेली है, मकान सुनसान इलाके में है। इस वजह से पुख्ता साजिश कर वारदात का वक्त भी आरोपियों ने ऐसा चुना, जिससे की कातिल पकड़ में नहीं आए। इस मामले में पुलिस की जांच धीरे धीरे आगे बढ़ रही है। कालोनी में रहने वाले लोगों से भी पुलिस ये जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है कि रविवार की रात से सोमवार की सुबह के बीच उन्होंने किसी संदिग्ध को कविता के घर के पास तो नहीं देखा था।

वारदात की तह तक जाने के लिए सीडीआर का इंतजार
मुरादाबाद। एसएसपी जे रविंदर गौड का कहना है कि इस मामले में हर बिंदु पर बारीकी से जांच की जा रही है। वारदात की तह तक जाने के लिए कविता और आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर मंगाई गई है। सीडीआर का इंतजार है, जिसके आने पर बहुत सी चीजें स्पष्ट होेने के आसार हैं। इस मामले में पुलिस की ओर से लीपापोती किए जाने का कोई सवाल नही है, हरसंभव प्रयास किया जा रहा है कि की हकीकत का जल्द खुलासा हो। कविता का शव नीला पड़ा था, जांच के लिए विसरा सुरक्षित किया गया है। बिसरा रिपोर्ट की जांच कराई जाएगी कि कविता के शरीर में जहर तो नहीं था? इसके अलावा एक्सपर्ट राय भी ली जा रही है।
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हत्यारोपी पति दवाई को बता रहा नशे की गोलियां: धर्मवीर
मुरादाबाद। इस मामले में कविता के पति ने बताया था कि कविता नशे की गोलियां खाती थी, जिस वजह से उसका विवाद कविता से होता था लेकिन पुलिस और परिवार ने इससे इंकार किया है। अब तक की जांच में कविता का नशे की गोलियां खाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। कविता के कमरे से पुलिस को रिवाइटल की गोलियां बरामद हुई थी, ये गोलियां नशे की नहीं बल्कि थकान दूर करने की दवाई है। कविता के पिता धर्मवीर का कहना है कि नशे की गोलियां खाने का आरोप सरासर गलत है, अपने बचाव में प्रमोद ने ऐसा कहा है। उधर, इस मामले में प्रमोद को फोन किया गया तो उनका नंबर बंद मिला है।
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इन सवालों के जवाब मांग रहा परिवार
. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी हत्यारोपियों से पूछताछ क्यों नहीं?
. बालकनी का दरवाजा खुला हुआ क्यों था?
. पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर पुलिस को क्यों यकीन नही है?
. क्या हत्या के अधिकतर मामलों में एक्सपर्ट राय लेती है पुलिस?
. क्या रविवार रात से सोमवार रात तक पति ने कविता को फोन नहीं किया?
. अगर फोन किया तो कॉल रिसीव न होने की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी?
. बच्चों की छुट्टियां होने के बाद कविता के कहने पर बच्चों को घर क्यों नहीं लाया गया?
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