शहर में हो रही कार चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह के सदस्य को सिविल लाइन पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से बुधवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए खुद कार में बैठकर आते थे, इस कार को भी पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद कर लिया है। उसके दो नाम थे, जिस वजह से पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर पा रही थी। सीसीटीवी में उसका चेहरा भी साफ नहीं था। आरोपी को उसकी टीशर्ट की मदद से पकड़ा गया है। पुलिस ने उसको न्यायालय में पेश किया ,जहां से उसे जेल भेज दिया है।
एसएचओ सिविल लाइन सुधीर पाल धामा ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी कमरूद्दीन उर्फ उस्मान निवासी लक्ष्मीपुर कट्टई थाना मूंढापांडे है। आरोप है कि वह अपने साथ विशाल के साथ मिलकर कार चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। एसएचओ ने बताया कि रामगंगा विहार में आरोपियों ने सफारी कार चोरी की थी। कार चोरी की शिकायत सर्वेश बंसल ने दर्ज करवाई थी। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जब वहां पर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की तो उसमें आरोपियों की तस्वीर और कार की तस्वीर कैद मिली। जिस कार में आरोपी सवार होकर आए थे, उस सैंट्रो कार के नंबर की पुलिस ने जानकारी खंगाली तो पता चला कि कार झांसी के एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी, उस व्यक्ति से संपर्क करने पर पता चला कि हादसे के बाद कार उसने एजेंसी को वापस कर दी थी, उसके बदले में रुपये ले लिए थे। इस कार को बाद में एजेंसी के जरिए बेचा गया था लेकिन खरीददार ने अभी कार को अपने नाम पर पंजीकृत नहीं करवाया था। पुलिस ने एजेंसी संचालक से वर्तमान कार मालिक का पता किया तो आरोपी को बमुश्किल ट्रेस कर पकड़ा जा सका है। आरोपी को जब पुलिस पकड़ने गई तो उसे कमरूद्दीन के नाम से आसपास के लोग नहीं जानते थे, पुलिस ने उसकी फोटो दिखाई तो टीशर्ट से उसकी पहचान उस्मान के रूप में स्थानीय लोगों ने की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को टीशर्ट के जरिए पहचान होने पर गिरफ्तार कर लिया, गिरफ्तारी के वक्त भी उसने वही टीशर्ट पहन रखी थी। आरोपी को उसी ड्रेस में गिरफ्तार किया गया, जिसमें वह घूम रहा था। आरोपी का दूसरा साथी कार लेकर प्रयागराज गया है, जहां पर वह कार बेचने की फिराक में है। पुलिस की टीम उसको भी ट्रेस करने का प्रयास कर रही है।