मझोला स्थित गांगन वाली मैनाठेर में साढू़ के घर से एक दिसंबर को लापता हुए पीरजादा के रिक्शा चालक गुड्डू (35) की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। उसका करीब 15 दिन पुराना शव रविवार सुबह साढू़ के घर के पास ही एक तालाब में मिला है। इस मामले में गुड्डू की पत्नी, पत्नी की बहन, जीजा, जीजा के भाई और जीजा के पिता के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट भाई ने दर्ज कर्राई है। हत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका है। अवैध संबंध सहित कई बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है।
गुड्डू के भाई मुमताज ने पुलिस को बताया कि एक दिसंबर को गुड्डू तीन बेटियों और पत्नी नुसरत के साथ गांगन वाली मैनाठेर में रहने वाली पत्नी की बहन इशरत के घर आया था। उसी रात से गुड्डू लापता हो गया था, इस संबंध में मझोला थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई गई थी। शक के आधार पर नुसरत के जीजा को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी लेकिन गुड्डू का पता नहीं चल सका था।
एसएचओ मझोला विकास सक्सेना ने बताया कि रविवार को सुबह गांगन वाली मैनाठेर में तालाब के पास गुड्डू का शव एक सफाई कर्मचारी को दिखा तो उसने आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी। शव को पुलिस ने तालाब से बाहर निकलवाया और शिनाख्त के लिए गुड्डूू के परिवार वालों को बुलाया गया। परिवार वाले पहुंचे और उन्होंने शव की शिनाख्त की थी। गुड्डूू के हाथ पर उसका नाम लिखा था।
मृतक के भाई मुमताज का आरोप है कि गुड्डूू की हत्या उसकी पत्नी नुसरत ने बहन इशरत, जीजा अफसर और ससुर असगर के साथ मिलकर की है। इसके बाद शव को छिपाने के लिए तालाब में फेंक दिया गया था। चारों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है, संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
पति की हत्या कर हकीकत को बताया बुरा सपना
मुरादाबाद। गुड्डू के लापता होने की जानकारी पर मझोला पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। शक के आधार पर नुसरत के जीजा को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया। पुलिस टीम ने शिकंजा कसा तो इस वारदात में आरोपी नुसरत को खुद के फंसने का डर सताने लगा। आरोप है कि उसने खुद को बचाने के लिए 14 दिसंबर को पुलिस से कहा कि उसे एक बुरा सपना आया है, जिसमें उसने देखा कि पति की हत्या कर शव दफना दिया गया है।
नुसरत ने बताया कि सपने में उसने देखा कि पति की हत्या उसके ही जीजा और जीजा के पिता सहित अन्य लोगों ने की है, इसके बाद शव को घर के पास ही जमीन खोदकर दफना दिया है। ये सुनकर पुलिस भी चौंक गई, वह नुसरत को लेकर गांगन वाली मैनाठेर पहुंची थी। रात को ही तीन जगह जमीन खोदकर गुड्डूू के शव की तलाश की गई लेकिन उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद इस सपने में उलझी पुलिस ने नुसरत के जीजा सहित अन्य आरोपियों पर शिकंजा ढीला कर दिया।
पुलिस मानने लगी कि गुड्डू लापता है, उसकी हत्या नहीं की गई है। नुसरत से पूछताछ भी नहीं की गई। आरोपी खुद को अब पुलिस गिरफ्त से दूर समझने लगे थे लेकिन रविवार सुबह जब तालाब में गुड्डूू का शव मिला तो गुड्डूू की हत्या का खुलासा हो गया। भाई मुमताज का आरोप है कि नुसरत ने पहले पति की हत्या की, इसके बाद खुद के बचाव के लिए हकीकत को सपना बता दिया, जिससे कि पुलिस उस पर शक न करे। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
टीपी नगर पुलिस चौकी की लापरवाही उजागर
मुरादाबाद। गुड्डू को लापता हुए 15 दिन का समय बीत गया था, उसकी तलाश के लिए ट्रांसपोर्ट नगर चौकी प्रभारी और चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। पुलिस ने जांच में ढील बरती। गुड्डू की हत्या में आरोपी अफसर को तीन बार हिरासत में लिया गया लेकिन उससे गुड्डू की हत्या का राज पुलिस नहीं उगलवा सकी थी, उसे पुलिस हिरासत में लेकर छोड़ देती थी। इसके अलावा गुड्डू का शव एक दिसंबर की रात से गांगन वाली मैनाठेर में तालाब में पड़ा था लेकिन पुलिस की टीम तालाब के पास शव की तलाश को भी नहीं गई।