चंदौसी के लिए भी..
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चीनी कारोबारी की लग्जरी कार में पकड़े गए 38 लाख रुपये, तीन हिरासत में
- चीनी कारोबारी को चीनी व्यापारी द्वारा की गई पेमेंट बताई जा रही है रकम
- पकडे़ गए आरोपियों में चीनी व्यापारी, कारोबारी का मुंशी और चालक शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान बुधवार दोपहर इंपीरियल तिराहे पर नीले रंग की बलेनो कार में रखी 38.01 लाख रुपये की नगदी से भरा बैग बरामद किया। पुलिस ने कार चालक समेत कार में सवार दो लोगों को हिरासत में लिया, उन्होंने बताया कि रकम गांधीनगर के चीनी व्यापारी से उन्होंने ली थी। चीनी व्यापारी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वह रकम के दस्तावेज नहीं दिखा सके हैं। पुलिस को अंदेशा है कि पकड़ी गई रकम ब्लैकमनी है।
कार चंदौसी के पथरा गांव निवासी रतन चला रहा था। उसमें सवार दूसरा व्यक्ति सुमित निवासी चंदौसी है। सुमित ने बताया कि कार में बरामद रकम उसके मामा कमल कुमार उर्फ डब्बी सेठ निवासी फड़ियाई बाजार (चंदौसी) की है। वह चंदौसी में चीनी के बडे़ कारोबारी हैं। सुमित ने खुद को कमल कुमार का मुंशी बताया। उसने दावा किया कि कमल के कहने पर उसने टीडीआई सिटी निवासी अनिल गुप्ता से गांधीनगर में लाकर ली थी। अनिल गुप्ता चीनी व्यापारी हैं। पुलिस ने अनिल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो उसने सुमित को पहचानने और उसे रकम देने से इंकार किया है। पुलिस को शक है कि पकड़ी गई रकम ब्लैकमनी है। हिरासत में लिए गए युवक पुलिस को रकम से संबंधित दस्तावेज नहीं सौंप सके। मामले की सूचना पुलिस ने आयकर विभाग के अधिकारियों को दी। एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि पकड़ी गई रकम सीज कर दी गई है। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पकडे़ गए नोटों में बीस, पचास, सौ, पांच सौ और दो हजार रु पये के नोटों की गड्डियां थी, सभी करेंसी चलन में है। कार चंदौसी के चीनी कारोबारी कमल कुमार की बताई जा रही है। जल्द ही उनको भी हिरासत में लेकर इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।
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आयकर विभाग की जांच में फं स सकते हैं कई ‘चीनी माफिया’
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। चीनी की जमाखोरी कर उसे रेट बढ़ने पर बेच दिया जाता है। इससे मिलने वाली रकम का लेनदेन कैश में किया जाता है, जिससे की आयकर विभाग के अफसरों की नजर इनकम टैक्स छिपाकर अपने जेब भारी करने वाले चीनी माफिया पर न पडे़ सके। लेकिन 38.01 लाख की नगदी बरामद होने के बाद व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस और आयकर विभाग की टीम चीनी माफियाआें को चिंह्ति करने में जुट गई है।
मोबाइल कॉल डिटेल से व्यापारी का झूठ पकड़ा गया
हिरासत में लिए गए चीनी व्यापारी अनिल गुप्ता ने पुलिस को बताया कि न तो रकम उसने सुमित को दी, न ही वह उन्हें पहचानता है। अनिल और सुमित के मोबाइल की जांच की गई तो दोनों के मोबाइल में बातचीत का प्रमाण मिला। इससे व्यापारी का झूठ पुलिस की पकड़ में आ गया। व्यापारी के बचाव में उसके परिजन भी थाने पहुंचे।
बच गए कई कारोबारी या खुलेगा राज
इनकम टैक्स बचाने के लिए कई कारोबारी लेनदेन कैश में करते हैं। जिससे की उनकी कमाई का ब्यौरा बैंकखातों में दर्ज न हो सके। सूत्रों की मानें तो सुमित कई अन्य व्यापारियों से भी रुपये लेने वाला था, लेकिन उससे पहले पकड़ा गया। ऐसे में कई कारोबारी खुद को सेफ महसूस कर रहे हैं। उधर, अधिकारियों का कहना है कि टैक्स चोरी कर अपनी जेब भरने वाले व्यापारियों के बारे में जानकारी की जा रही है। जल्द ही उन पर शिकंजा कसा जाएगा।
‘ब्लैकमनी नहीं, पकड़ी गई रकम मेरी’
कार में रकम के पकडे़ जाने की सूचना पर देर शाम चीनी कारोबारी कमल कुमार भी कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पकड़ी गई रकम ब्लैकमनी नहीं है। यह रकम उनकी है, वह चीनी विक्रेता हैं। व्यापारियों को चीनी बेचते हैं, जिनसे पेमेंट लेने के लिए मुंशी सुमित और ड्राइवर को चंदौसी से मुरादाबाद भेजा था। हालांकि वह पकड़ी गई रकम के संबंध में दस्तावेज पुलिस को नहीं दिखा सके हैं। इनकट टैक्स अफसर मामले की जांच कर रहे हैं।
रकम गिनने में पुलिसकर्मी फेल, मंगाई मशीन
कार में पकड़ी गई 38 लाख की रकम की गिनती करने में पुलिसकर्मी फेल हो गए। गड्डियों में नोट कम, ज्यादा थे। बैंक से नोट गिनने की मशीन मंगवाई गई। जिसके बाद रकम को गिनती कर सीज कर दिया गया है।
आईबी के इनपुट के बाद चलाया जा रहा चेकिंग अभियान
मुरादाबाद। आईबी ने हाल ही में देश के करीब छह राज्यों में आतंकी हमले की अंदेशा जाहिर करते हुए एक अलर्ट जारी किया है, इन राज्यों में उत्तर प्रदेश भी शामिल है। इसको लेकर डीजीपी ने यूपी पुलिस को अलर्ट रहने और रेगुलर चेकिंग के निर्देश दिए हैं। सूत्रों का दावा है कि इस वजह से पुलिस टीम ने चेकिंग अभियान चलाया है।
पुलिस ने आईबी के इनपुट के बाद होटल, मॉल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे पर चौकसी बढ़ा दी है। मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है। कालोनियों में रहने वाले लोगों के पुलिस वेरिफिकेशन के लिए भी पुलिस जल्द ही बडे़ स्तर पर अभियान चलाएगी। जिससे की संदिग्धों के बारे में जानकारी हासिल हो सके। फर्जी सूचनाएं देने वालों पर भी पुलिस की नजर है।