छोटे कप्तान के इलाके यानी सिटी सर्किल से जुड़े मझोला और पाकबड़ा थाना क्षेत्रों में पिछले 15 दिन में 10 घरों में डाका डालकर डकैतों ने पुलिस चौकसी की कलई खोल दी है। बाइकर्स ने शहर की सड़कों पर महिलाओं का निकलना मुश्किल कर रखा है तो ताबड़तोड़ डकैतियों ने लोगों में खौफ भर दिया है। घटनाओं के खुलासे और डकैतों पर काबू पाने की कोशिशों के बजाए पुलिस घटनाओं के अल्पीकरण में जुटी है। अपना रिकार्ड दुरुस्त करने की कवायद में लुटेरों की परोक्ष मददगार बनी पुलिस घटनाओं को रोकने में नाकाम है। अल्पीकरण ने डकैतों के दुस्साहस को और भी बढ़ा दिया है।
मझोला थाना क्षेत्र के पैपटपुरा मोहल्ले में करीब 15 दिन पहले हथियारबंद डकैतों ने तीन घरों में डाका डाला था। पुलिस ने इस घटना को चोरी की धाराओं में दर्ज किया। पुलिस के रवैय्ये से आहत तीनों परिवार पैपटपुरा छोड़ गए। मझोला पुलिस का यह खेल अफसरों से भी छुपा नहीं है, लेकिन पीड़ितों के घर छोड़ने के बाद भी पुलिस ने घटना को सही धाराओं में दर्ज करना जरूरी नहीं समझा। इसके बाद पाकबड़ा थाना क्षेत्र के पल्लूपुरा में एक घर में डाका पड़ा। मझोला की तर्ज पर पाकबड़ा पुलिस ने भी डकैती की वारदात को चोरी की धाराओं में निपटाकर एक तरह से डकैतों की ही मदद कर दी। पुलिस डकैतियों को निपटाने में जुटी है तो डकैतों का दुस्साहस और भी बढ़ गया। इसके बाद बेखौफ डकैतों ने पाकबड़ा के पाट वाली मिलक में धावा बोलकर किसान के परिवार पर कहर बरपाया। डंडों से पीटकर पूरे परिवार को लहूलुहान कर दिया। घायल अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। मंगलवार रात को डकैतों ने मिलक खदाना गांव में धावा बोलकर तीन घरों में डाका डाला।
चौकीदार की तहरीर पर रिपोर्ट
मुरादाबाद।
मिलक खदाना गांव में डकैतों ने तीन घरों में परिवारों को बंधक बनाकर डाका डाला। लेकिन पुलिस ने चौकीदार की तहरीर पर सिर्फ जानलेवा हमले की धाराओं में केस दर्ज किया है। इस रिपोर्ट में डकैती का जिक्र नहीं है। घटना की बाबत कोई दूसरी एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई है। इतनी बड़ी घटना के बाद भी कोई पुलिस अधिकारी मौका ए वारदात पर नहीं पहुंचा।