मंगलवार रात दो घंटे तक डकैतों ने मिलक खदाना गांव में जमकर कहर बरपाया। विरोध करने पर परिजनों को बेरहमी से पीटा और दो लोगों को गोली भी मार दी। लेकिन घटनास्थल से 200 मीटर की दूरी पर खड़ी यूपी डॉयल गाड़ी और गांव के दूसरे छोर पर स्थित पुलिस चौकी में मौजूद पुलिस वालों की नींद नहीं टूटी। गांव वालों ने बदमाशों के खिलाफ मोर्चा संभाला, लेकिन फायरिंग की आवाज सुनने के बाद भी पुलिस वाले मौके पर नहीं आए।
गोली लगने से घायल हुए जोगेंद्र ने बताया कि साढ़े बारह बजे कल्लो के घर से चीखने चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर अपने घरों से लोग बाहर निकल आए। कल्लो के घर से डकैत निकल रहे थे। जोगेंद्र ने अपने भाई लाल सिंह की मदद से एक डकैत को पकड़ने का प्रयास किया तो दूसरे बदमाश ने गोली चला दी। जिसमें दोनों के पैरों में छर्रे लगे। इसके बाद डकैत ने दूसरा फायर किया। दीवार की आड़ लेकर वह बच गए। इसके बाद भी डकैतों ने फायरिंग की। जब पूरा गांव जाग गया तब यूपी डायल के सिपाही मौके पर आए। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि उन्हें फायरिंग की आवाज आ रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कोने पर खड़ी यूपी 100 की गाड़ी मौके पर आ जाती तो एक दो डकैत पकड़े जा सकते थे।
जेवर निकलवाने के लिए कमरे की जमीन खुदवाई
नानक चंद की मां माया ने बताया कि उनके घर में छह डकैत आए थे। दो डकैत मुझे बरामदे से उठाकर कमरे में ले गए और बोलने लगे कि जमीन खोद कर सोने के जेवर निकालो। नहीं तो उसके बेटे और बहू को गोली मार देंगे। जमीन खुदवाई। जो भी सामान मिला उसे बटोर कर ले गए।
वापस कर दिया पांच सौ का नोट
नानक चंद की पत्नी राधा ने बताया कि सभी बदमाशों ने चेहरे पर नकाब लगा रखा था। बदमाशों ने उन्हें तमंचा देखा कर गोली मारने की धमकी दी। बोली, मेरे पास पांच सौ रुपये का नोट था। एक बदमाश ने मुझसे नोट छीन लिया। मेरी बीमार बेटी सपना को देखकर डकैत ने इलाज कराने के लिए नोट वापस कर दिया।
दो माह पहले ही सुरेंद्र के घर हुई थी चोरी
सुरेंद्र के घर दो माह पहले ही चोरी हुई थी। तब चोर भैंस चोरी कर ले गए थे। इस मामले की तहरीर उसने थाने में दी। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। अब फिर डकैतों ने उसके घर पर धावा बो लिया। सुरेंद्र ने बताया कि उसके दो बच्चे विकलांग हैं।