ट्रेन का सफर अब असुरक्षित हो गया है। पेजिंसर ट्रेन की जनरल बोगियां तो छोड़िए अब तो लुटेरे एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के एसी कोचों में भी ताबड़तोड़ लूट की वारदातें करने लगेे हैं। इन घटनाओं के कारण मुसाफिर दहशत में हैं। पिछले एक माह में मुरादाबाद रेल मंडल से गुजरने वाली पांच ट्रेनों में लूटपाट की घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं ने जीआरपी और आरपीएफ की सक्रियता की कलई खुल गई है। शाहजहांपुर में इंटर सिटी और जनता एक्सप्रेस में 48 घंटे के अंतराल में ही हुई लूटों ने तो यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेल मुसाफिरों को सुगम और सुरक्षित सफर देने के दावों के बीच लगातार घटनाएं हो रहीं हैं। एसी कोचों में बदमाश चढ़कर वारदात करने के बाद चेन पुलिंग कर फरार हो रहे हैं। इन्हें न तो जीआरपी रोक पा रही है और न ही टीटीई स्टाफ की कोई टोका टाकी है। हालांकि अफसरों के दावे हैं कि पिछले सालों की तुलना में इस साल आपराधिक घटनाओं में गिरावट आई है।
रविवार रात लखनऊ से बरेली की ओर आ रही जनता एक्सप्रेस के शाहजहांपुर से रवाना होते ही बदमाश कोच नंबर एस-4 में चढ़ गए । इसके बाद उन्होंने लूटपाट की और गर्रा नदी के पुल के पास चेन पुलिंग कर भाग गए । इस घटना से दो दिन पहले ही बदमाशों ने लखनऊ से चंडीगढ़ जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में भी लूटपाट की थी। 28 जून को सुबह बदमाशों ने दो महिलाओं से पर्स लूट लिए थे। महिलाओं के शोर मचाया तो बदमाश चेन पुलिंग कर ट्रेन से कूदकर फरार हो गए थे। जबकि इस घटना से दिन पहले बरेली के पास चेन पुलिंग कर पर्स लूट की घटना हुई थी।
ट्रेनों में वारदातें रोकने के लिए इस साल 175 अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर में कार्रवाई की गई है। लूटपाट करने वालों गिरोह की तलाश में चार टीमें लगी हुईं हैं। जल्द ही घटनाओं को खुलासा किया जाएगा।
सुभाष चंद्र दुबे, एसपी रेलवे
जंगल में ट्रेन रुकी और बदमाशों ने बोल दिया धावा
मुरादाबाद। चंडीगढ़ लखनऊ एक्सप्रेस ट्रेन में 13 जुलाई की देर रात शाहजहांपुर के पास लूट की घटना हुई थी। पीड़ित बैदनाथ ने बताया कि वह शिमला के रहने वाले हैं। घटना के समय वह एस 3 कोच में सफर कर रहे थे। ट्रेन जैसे ही शाहजहांपुर से रवाना हुई। दो बदमाश ट्रेन में सवार हो गए। कुछ दूरी तक ट्रेन चलने के बाद बदमाशों ने चेन पुलिंग कर दी और झाड़ियां में बैठे बदमाशों ने कोच पर धावा बोल दिया। इसके बाद लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर यात्रियों के साथ मारपीट की गई।
हैडिंग
दो सिपाहियों के हवाले ट्रेन की सुरक्षा
मुरादाबाद। यात्रियों को पूरी सुरक्षा देने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन ये दावे केवल हवा हवाई साबित हो रहे हैं। पूरी ट्रेन की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल दो सिपाहियों के हवाले होती है। एक सिपाही ट्रेन में आगे और दूसरा सिपाही ट्रेन में पीछे रहता है। बीच में अगर कोई घटना हो जाए तो यात्रियों को कोई मदद नहीं मिली। कई गाड़ी तो बिना सुरक्षा के ही दौड़ु़ा दी जाती हैं।