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हाजी की शादी कराने के बहाने रेकी कर डाली थी डक् ैती

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मुरादाबाद।
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किसरौल डकैती कांड में बृहस्पतिवार को पुलिस मुठभेड़ के बाद पकडे़ गए आरोपियों आसिफ और शाकिर ने शुक्रवार को पूछताछ में खुलासा किया है कि वारदात की साजिश में पीतल कारोबारी हाजी मोहम्मद यासीन के रिश्ते के भांजे की भूमिका रही है। उसने ही परिवार के एक सदस्य की शादी कराने के बहाने हाजी मोहम्मद यासीन से पिछले एक माह में नजदीकियां बढ़ाई और साथियों के साथ मिलकर उनके घर डाका डलवा दिया। पुलिस के इस खुलासे पर पीतल कारोबारी और उनके परिवार के सदस्य नाखुश हैं।
गिरफ्त में आरोपियों का हवाला देते हुए एसओ नागफनी दिनेश शर्मा ने बताया कि डकैती कांड का मास्टर माइंड हाजी मोहम्मद यासीन का रिश्ते का भांजा है, जो कि नागफनी क्षेत्र के किसरौल में ही रहता है। उसको यह जानकारी थी कि हाजी मोहम्मद यासीन ने अपनी बेटी के परिवार वालों के लिए एक नया मकान बनवाया है, जिसमें वह उनको भेजना चाह रहे हैं। इस दौरान भांजे ने परिवार के एक सदस्य की शादी कराने का झांसा दिया और नजदीकियां बढ़ाकर ये जानकारी हासिल कर ली कि घर में नकदी और जेवर रखे हुए हैं। इस वजह से उसने अपने साथी आसिफ निवासी असालतपुरा के साथ मिलकर डकैती की साजिश रची थी। आसिफ गलशहीद का हिस्ट्रीशीटर है। उसने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने दो अन्य हिस्ट्रीशीटर साथियों को राजी किया। वारदात से एक दिन पहले 22 नवंबर को सभी आरोपी किसरौल में हाजी मोहम्मद यासीन के घर की अंतिम बार रेकी करने के लिए गए। 23 नवंबर को पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनकर आए और घर में घुसने के बाद सीढ़ियों पर बुर्का उतार दिया, बुर्का लेकर एक साथी घर के बाहर चला गया। जबकि चार आरोपियों ने दूसरी मंजिल पर जाकर परिवार को हथियार और चाकू के बल पर बंधक बनाकर डकैती की वारदात की।
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हिस्से में आए 32 हजार तो कैसे लुटे छह लाख कैश
मुरादाबाद। आरोपियों ने बताया कि वारदात के दौरान उन्होंने घर से 1.60 लाख की नकदी और जेवर लूटे थे। पांच लोगों के हिस्से में 32-32 हजार रुपये और जेवर आए थे। ज्यादातर जेवर आर्टिफिशियल थे। लेकिन जब समाचार पत्र में वारदात के बाद पढ़ा की डकैती की वारदात में छह लाख की नकदी, जेवर समेत 30 लाख का माल लूटा जाना पीतल कारोबारी ने बताया है तो वह डर गए। इस वजह से मस्जिद में वह आर्टिफिशियल जेवर फेंक आए थे और इसके साथ ही पत्र भी लिखा था, जिससे की पुलिस को भी जानकारी हो सके।

पकडे़ जाने के डर से दिल्ली, उत्तरांचल भागे थे आरोपी
मुरादाबाद। आरोपियों ने बताया कि वारदात के बाद वह शहर में ही रुके थे लेकिन जब पुलिस ने घेराबंदी शुरू की तो उनको पकड़े जाने का डर सताने लगा। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली और उत्तरांचल भाग गए थे। बृहस्पतिवार को परिवार वालों से मिलने के लिए मुरादाबाद आए तो मुठभेड़ के बाद पकडे़ गए।

अभी अस्पताल में ही भर्ती हैं दोनों आरोपी
मुरादाबाद। किसरौल डकैती कांड में बृहस्पतिवार को पुलिस मुठभेड़ के बाद पकडे़ गए आरोपियों आसिफ और शाकिर को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उनको जेल तक ले जाया गया। जेल प्रशासन ने दोनों के जख्मी होने के कारण उनको जेल में रखने से इंकार कर दिया है। दोनों को इलाज के लिए वापस जिला अस्पताल में ही भर्ती करवाया गया है। शनिवार को उनके पैरों का एक्सरे कराया जाएगा।
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पुलिस बोल रही आरोपियों के बोल: हाजी मोहम्मद यासीन
मुरादाबाद। हाजी मोहम्मद यासीन ने बताया कि उनके घर से छह लाख रुपये लूटे गए हैं। रकम उन्होंने बैंक से निकालकर घर में जमा की थी। इसके अलावा करीब साढे़ आठ सौ ग्राम सोने के जेवर लूटे गए हैं। अब आरोपियों के पकडे़ जाने के बाद पुलिस कह रही है कि घर से 1.60 लाख की नकदी लूटी गई थी, जेवर भी आधे से कम बताए गए हैं। बरामद जेवर कितने हैं और वह असली हैं या नकली ये भी हमें नहीं पता। पुलिस ने जेवर की पहचान करने के लिए नहीं बुलाया, जब वह पहुंचे तो बताया कि जेवर सील कर दिए हैं। पकडे़ गए आरोपियों में से हाजी मोहम्मद यासीन का कोई भी रिश्तेदार नहीं है जबकि पुलिस ने उनमें से एक का हाजी का दूर का रिश्तेदार बता दिया है। अब जिस भांजे की भूमिका वारदात में बताई जा रही है, उनके बारे में भी हाजी मोहम्मद यासीन को जानकारी नहीं दी गई है। इस खुलासे से नाखुश परिवार जल्द ही आईजी से मिलेगा।
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