जसपुर पुलिस के खुलासे के बाद भी अफसर टप्पेबाजों से यारी निभा रहे पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई में कतरा रहे हैं। तीन दिन पहले मुरादाबाद के चार टप्पेबाजों को पकड़कर जसपुर पुलिस ने खुलासा किया था टप्पेबाजों को कुछ स्थानीय पुलिस वालों का संरक्षण है। कांग्र्रेस के एक पार्षद को भी जसपुर पुलिस ने आरोपी बनाया है। गिरफ्तार टप्पेबाजों के मोबाइल फोन से मिली जानकारियां उनके पुलिस से नजदीकी संबंधों का खुलासा कर रही हैं।
जसपुर पुलिस ने तीन दिन पहले मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में स्थित आदर्श कालोनी के चार टप्पेबाजों को गिरफ्तार किया था। जसपुर पुलिस उस समय चौंक गई जब उसने टप्पेबाजों के मोबाइल चेक किए। मोबाइल फोन में वो सभी जानकारियां थीं जो उसने मुरादाबाद पुलिस से टप्पेबाजों को ट्रेस करने के लिए साझा की थीं। जसपुर पुलिस ने दावा किया था कि स्थानीय पुलिस को वह जो भी जानकारियां भेज रहे थे वह सीधे टप्पेबाजों तक पहुंच रही थीं। कुछ पुलिस वालों के फोन नंबर और अन्य जानकारियां भी टप्पेबाजों के फोन से मिलीं। शक के घेरे में आए पुलिस कर्मी सिविल लाइंस थाने के बताए जा रहे हैं। पड़ोसी प्रदेश में फजीहत होने के बाद भी पुलिस महकमे ने इन्हें चिन्हित कर कार्रवाई करने की कवायद शुरू नहीं की है। अधिकारी जसपुर पुलिस ने औपचारिक रिपोर्ट नहीं मिलने का बहाना बना रहे हैं।