धांधली की शिकायत पर सस्ते गले की दुकान निरस्त होने से सदमे में राशन डीलर आशा देवी की मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने साईं अस्पताल के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया और यहां अर्थी रख दी, लेकिन पुलिस ने उन्हें तहरीर आने पर केस दर्ज कर कार्रवाई करने का आश्वासन कर हाईवे से हटा दिया। इसके बाद लोग अर्थी लेकर मोक्षधाम ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मझोला के लाइन पार आदर्श नगर निवासी राजपाल सिंह की पत्नी आशा देवी राशन डीलर थी। आशा देवी की दुकान चंद्र नगर क्षेत्र में थी। परिजनों ने बताया कि धांधली की शिकायत पर शहर की 62 दुकानों को निरस्त कर दिया था। जिसमें आशा देवी की दुकान भी थी। जबकि आशा देवी ने कोई धांधली नहीं की थी। उनका आरोप है कि जिला पूर्ति विभाग के कुछ कर्मचारी दुकान बहाल करने के नाम पार पचास हजार रुपये की मांग कर रहे थे। जिससे आशा देवी परेशान थी। गुरुवार रात आशा देवी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर परिजन आशा देवी की अर्थी लेकर मोक्षधाम जा रहे थे। उन्होंने साईं अस्पताल के सामने अर्थी रखकर जाम लगा दिया। जिससे दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। जाम लगने की सूचना पर मझोला और सिविल लाइंस पुलिस पहुंच गई। इंस्पेक्टर मझोला विकास सक्सेना ने परिजनों को समझाया कि अगर उन्हें कोई शिकायत है तो वह लिखित में तहरीर दें। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद लोग मान गए और वह अर्थी लेकर चले गए। जाम लगने की वजह से एक घंटे में जाकर यातायात सामान्य हो पाया है।