25 लाख से अधिक की जीएसटी चोरी वाले उद्यमियों एवं कारोबारियों के खिलाफ वस्तु एवं सेवा कमिश्नर ने शिकंजा कस लिया है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए कमिश्नर जीएसटी ने अपर आयुक्त प्रशासन से ब्योरा तलब किया है। मुरादाबाद मंडल में ऐसी करीब ढाई हजार औद्योगिक इकाइयां बताई जा रहीं हैं, हालांकि इस कार्रवाई को विभागीय अधिकारी फिलहाल गोपनीय रखे हुए हैं। प्रदेश मुख्यालय और जीएसटी कार्यालय में हो रही इस कार्रवाई से कारोबारियों में यहां के खलबली मच गई है।
एडिशनल कमिश्नर मुख्यालय प्रदीप कुमार डेढ़ साल से वस्तु एवं सेवा कर विभाग की विशेष अनुसंधान इकाई मुरादाबाद मंडल की बीस हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयों में सर्वे और जांच कर चुकीं हैं। इनमें से करीब 50 फीसदी में खामियां मिलीं थी। उन दिनों इनमें से 25 लाख और उससे अधिक की टैक्स चोरी की आशंका वाले मामलों की अलग से विस्तृत जांच के लिए रखवा दिया गया था।
दो दिन पहले कमिश्नर जीएसटी की ओर से निर्देश मिलने के बाद उनकी फाइलें नए सिरे से तैयार की जा रही है। उनमें यह ब्योरा अंकित किया जा रहा है कि किस तरह की टैक्स की गड़बड़ी मिली हैं। संकेत मिले हैं कि इस तरह के मामलों में प्रदेश मुख्यालय से ही उद्यमियों का स्पष्टीकरण लेने के साथ-साथ कार्रवाई की जा सकती है। वहीं दूसरी ओर जीएसटी कमिश्नर अमृता सोनी एक करोड़ और उससे अधिक की टैक्स चोरी के मामलों की वह खुद समीक्षा करेंगी।
ये हैं खामियां
मुरादाबाद। औद्योगिक इकाइयों ने अपनी फर्म तथा औद्योगिक इकाइयों का टर्नओवर दस लाख दिखाया है, जबकि उनके यहां विशेष जांच टीम ने विस्तृत जांच में 50 लाख या उससे अधिक के टर्नओवर की पुष्टि की है। इसके साक्ष्य में औद्योगिक इकाइयों के यहां सामान खरीद फरोख्त के बिल मिले हैं, उनका उल्लेख जांच टीम ने किया है। कुछ फर्म चालू थीं लेकिन उनको बंद दिखाया गया है। आन लाइन टर्नओवर के रिटर्न भी गलत फीड किए गए हैं।
25 लाख से कम के मामले स्थानीय स्तर पर निपटेंगे
मुरादाबाद। 25 लाख से जीएसटी की चोरी तथा अनियमितताओं के मामलों को स्थानीय स्तर पर अपर आयुक्त प्रशासन, विशेष अनुसंधान शाखा के स्तर पर निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। इन केसों को निपटाने की समय सीमा भी निर्धारित की गई है, जिससे कि व्यापारियों को इधर उधर भागदौड़ न करनी पड़े और सरकार को टैक्स के रूप में राजस्व भी मिल जाए।
‘कमिश्नर के स्तर पर लखनऊ मुख्यालय में मंगलवार को बैठक हुई थी। जिसमें टैक्स चोरी के लंबित मामलों में समय से कार्रवाई करके हर सप्ताह रिपोर्ट भेजने के आदेश हुए हैं।’
आर के सिंह, आयुक्त प्रशासन