डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ते कदम के साथ ही साइबर क्राइम से संबंधित मामलों की जांच में तेजी आनी चाहिए। जिससे की आरोपी पकडे़ जाएं और साइबर अपराध के मामलों में कमी आए। एक आंकडे़ के मुताबिक हर साल 1.20 लाख करोड़ की ठगी की जा रही है, जिससे बड़ा नुकसान हो रहा है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को डॉ भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण देने आए साइबर एक्सपर्ट ने दी।
डॉ भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में बृहस्पतिवार को साइबर क्राइम एवं उनकी विवेचना के विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था। जिसमें उपनिरीक्षकों को साइबर क्राइम की विवेचना के बारे में प्रशिक्षण देने के लिए नई दिल्ली से साइबर एक्सपर्ट संजय मिश्रा आए थे। उन्होंने बताया कि किस तरह से साइबर फ्राड के मामलों को अंजाम दिया जा रहा है और उससे कैसे बचा जा सकता है।
इसके अलावा साइबर अपराध से जुडे़ मामलों की विवेचना कर आरोपियों का किस तरह से पता किया जा सकता है और साइबर एक्सपर्ट ने यह भी समझाया कि किस तरह आनलाइन शॉपिंग मामले में 72 घंटे के भीतर पेमेंट गेटवे कंपनी से पीड़ित का पैसा वापस दिलाया जा सकता है। इसके अलावा सोशल मीडिया से हो रहे साइबर अपराध के बारे में भी जानकारी देकर उनको रोके जाने के प्रयासों के बारे में बताया। साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि पुलिस साधारण तौर पर ऐसे मामलों की विवेचना से बचने का प्रयास करती है जो कि गलत है। इस तरह के अपराध एक संगठित गिरोह करता है, जिनकी गिरफ्तारियां होने पर साइबर अपराध के मामलों में कमी आएगी।