मुरादाबाद। संभल में बदमाशों के साथ मुठभेड़ के दौरान पुलिस की पिस्टल फेल हो गई। गोली नहीं चली तो दरोगा ने बहादुरी दिखाते हुए मंह से ठांय-ठांय बोलकर ही बदमाशों का सामना किया। लेकिन पाकबड़ा के पाट वाली मिलक में ऐसा नहीं हुआ। बदमाशों ने डकैती को अंजाम दिया। उंगली से अंगूठी नहीं निकली तो उंगली ही काट दी। कांबिंग को पहुंची पुलिस की पिस्टल यहां भी फेल हो गई। गोली ही नहीं चली। लेकिन यहां की पुलिस तो संभल पुलिस से भी पीछे निकली। मुंह से ठांय-ठांय भी न कर सकी। बदमाशों को घेरने के स्थान पर अपने कदम पीछे हटा लिए।
इसका खुलासा रविवार को पाकबाड़ा के पाट वाली मिलक गांव में खुद एडीजी प्रेम प्रकाश के सामने पुलिस वालों ने किया। यहां एडीजी डकैती के पीड़ित परिवार के यहां घटना की जानकारी करने आए थे। यहां पर पीड़ित हरि सिंह की पत्नी वीरो ने एडीजी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के सामने खुलकर बताया कि ‘साहब डकैती की वारदात कर जब बदमाश भागने लगे तो बाइक पर सवार दो पुलिसकर्मी आए। उन्होंने बदमाशों का पीछा किया। कुछ दूरी पर बदमाशों को जाता देख पुलिस वालों ने उनको रोकने के लिए गोली चलाई लेकिन गोली चली ही नहीं।’ यह सुनकर एडीजी ने एसएचओ पाकबड़ा गजेंद्र त्यागी से जानकारी की तो उन्होंने लैपर्ड सवार पुलिसकर्मियों को बुला लिया और उन्होंने स्वीकार किया कि फायर मिस हो गया था। बदमाश जंगल के रास्ते वहां से भाग निकले थे। यह हाल तब है जब सभी बदमाश पैदल थे, उनके पास हथियार नहीं थे। इसका पता इससे चलता है कि उन्होंने डकैती की वारदात के दौरान असलहे का इस्तेमाल नहीं किया बल्कि डंडों से पीड़ित परिवार से मारपीट की थी। पुलिसकर्मियों के पास न केवल हथियार बल्कि लैपर्ड भी थी लेकिन तब भी पुलिसकर्मी फेल साबित हुए। एडीजी ने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभी कार्रवाई नहीं की है। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने बदमाशों का पीछा किया था। बदमाश पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भागने में सफल हो गए हैं।