राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ - दिल्ली के बीच मूंढापांडे के पास टोल बूथ पर मारपीट और टोल बूथ में तोड़फोड़ के बाद वाहन सवार दहशत में आ गए और वाहनों के पहिए थम गए। हाईवे पर दो घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। सैकड़ों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। दो एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। हाईवे पर बवाल की गूंज दिल्ली और लखनऊ तक पहुंची तो अधिकारियों के मोबाइल फोन घनघनाने लगे। घटना स्थल पर पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए। उन्होंने कांवड़ियों के साथ करीब आधा घंटे तक बातचीत करके जाम खुलवाया।
सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे टोल बूथ पर तोड़फोड़ शुरू होते ही वहां तैनात कर्मचारी भाग निकले तो अफरा तफरी मच गई। कई वाहन चालक भी घबड़ा हए और वह वाहन से निकल लिए। कुछ वाहनों के चालकों ने वाहनों को अंदर से लॉक कर लिया। करीब दस मिनट तक वाहन स्वामी नहीं समझ पाए कि हुआ क्या है। घटना के बारे में उन्हें पता चला तो कॉल करके पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इस दौरान गंभीर मरीजों को लेकर बरेली से दिल्ली के लिए जाने वाली दो एंबुलेंस भी करीब पौन घंटे तक फंसी रहीं। इन दोनों एंबुलेंस को जाम लगाने वालों से अनुरोध करने पर मुश्किल से निकाला जा सका। जाम के कारण दोनों ओर पांच - पांच किलोमीटर वाहनों की लाइन लग गई। जाम के कारण कई यात्री बरेली सिटी और बरेली जंक्शन से ट्रेन नहीं पकड़ सके और उनकी ट्रेन छूट गईं।
सीओ हाईवे राजेश कुमार ने बताया कि कांवड़ियों की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। जांच में टोल कर्मियों के दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। सीओ का कहना है कि कांवड़ियों के लिए टोल नहीं लगता है लेकिन वह जबरन टोल वसूल रहे थे। जांच में इस आरोप की पुष्टि होने पर ही कार्रवाई की जाएगी । लेकिन कांवड़ियों की ओर से तहरीर नहीं दी गई है और न ही इस मामले में देर रात तक रिपोर्ट दर्ज की र्गई है।