कटघर पुलिस ने बुधवार को अरबाज हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने अरबाज के बड़े भाई आरिस और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि अरबाज के भाई ने अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।
एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बुधवार शाम अपने दफ्तर में अरबाज हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि चार जुलाई को कटघर थानाक्षेत्र के सिद्दीकी कालोनी में पंद्रह वर्षीय अरबाज की हत्या कर दी गई थी। उसकी लाश घर से कुछ ही दूरी पर एक निर्माणाधीन दुकान के अंदर मिली थी। अरबाज के बड़े भाई आरिस की ओर से इस मामले में सात लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इस मामले में तफ्तीश शुरू की तो अरबाज के भाई आरिस के आरोपी पक्ष की एक महिला से अवैध संबंधों की बात सामने आई। पुलिस ने उस महिला से पूछताछ की। इसके अलावा अन्य सबूत भी जुटाए। तब पुलिस को पता चला कि अरबाज की हत्या उसके भाई ने की है। पुलिस ने आरिस को हिरासत में ले लिया। उसने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने अपने साथी सुल्तान निवासी मोहल्ला सिद्दीकी कालोनी और जुनैद निवासी ताजपुर माफी के साथ इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने सुल्तान और जुनैद को भी उठा लिया। तीनों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस गुरुवार को तीनों को जेल भेजेगी।
अपनी आधी संपत्ति देने का दोस्तों को दिया लालच
मुरादाबाद। एसपी सिटी ने बताया कि आरिस ने अपने दोनों दोस्तों को लालच दिया था कि उसके भाई की मौत के बाद वह अपनी आधी संपत्ति दोनों के नाम करा देगा। लालच में आकर दोनों दोस्त उसके भाई की हत्या में शामिल हो गए। इसके अलावा वह प्रेमिका के पति और उसके परिजनों को जेल भिजवा कर प्रेमिका को अपने साथ रखेगा।
भाई की हत्या के बाद घर में आकर धोए थे खून से सने हाथ
मुरादाबाद। आरिस ने पुलिस को बताया कि वह घटना वाले दिन दोपहर में सुल्तान और जुनैद से मिला। उसने अपनी योजना के मुताबिक उन्हें बताया दिया था कि वह रात को अपने भाई को बुलाकर लाएगा। वह रात में भाई बुला लाया और तीनों ने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद तीनों अपने अपने घर चले गए। आरिस ने खून से सने हाथ भी अपने घर में आकर ही धोए थे।