मुरादाबाद। गलशहीद क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर जाली नोट छापने वाले गैंग का एक और सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। बुधवार को पुलिस ने इसी गैंग के फरार सदस्य शमीम को धर दबोचा। पकड़ा गया आरोपी छापे गए जाली नोटों को बाजार में चलाने का काम करता था। पुलिस ने शमीम के कब्जे से 100-100 रुपये के पुराने और नए 16 जाली नोट बरामद किए हैं। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह अमीर बनने की चाह में इस धंधे में आया था।
गलशहीद थाना प्रभारी दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि सोमवार को गलशहीद क्षेत्र के असालतपुरा स्थित एक मकान से आरोपी शाने आलम उर्फ गुड्डू सैफी निवासी मोहल्ला नसीराबाद थाना कांठ और जफर निवासी भदौड़ा थाना कटघर को पकड़ा गया था। ये दोनों शमीम और उसके दोस्त छोटू की मदद से जाली नोट छाप रहे थे। पुलिस ने शाने आलम और जफर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों के कब्जे से 1.32 लाख रुपये के जाली नोट और जाली नोट छापने की मशीन बरामद हुई थी। बुधवार को पुलिस ने इसी गैंग के एक अन्य सदस्य शमीम निवासी करबला थाना कटघर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इसके कब्जे से सौ - सौ रुपये के सोलह जाली नोट बरामद किए हैं। आरोपी ने कबूला है कि अमीर बनने की चाह में वह इस धंधे में शामिल हुआ था। पुलिस के मुताबिक शमीम को 100 रुपये का जाली नोट बाजार में चलाने पर 40 रुपये मिलते थे। इसी लालच में वह गैंग के लिए काम करता था। बुधवार को पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया।