मुरादाबाद। शहर को दहला देने वाले डा. शैली हत्याकांड की जांच फिर से ठंडे बस्ते में चली गई है। डा. शैली मेहरोत्रा की बेटी डा. गुंजन ने अपने अधिवक्ता के जरिये डीजीपी को प्रार्थना पत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी डीजीपी की ओर से अभी तक अनुभवी अफसरों की टीम जांच के लिए गठित नहीं की गई है। डा. गुंजन ने पत्र में लिखा है कि उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में आवास विकास कालोनी निवासी डा. गुंजन अरोरा ने अपने अधिवक्ता संजीव राघव के जरिये सूबे के डीजीपी को प्रार्थना पत्र भेजा है। डा. गुंजन के पिता डा. ओम महरोत्रा, मां डा. शैली महरोत्रा, बुआ डा. रश्मि मेहता और पांच साल की भतीजी गिन्नी उर्फ दिव्यांशी की 14/15 मई 2014 की रात को जिगर कालोनी स्थित मकान में नृशंसता से हत्या कर दी गई थी। शहर को हिलाकर रख देने वाली इस घटना के खुलासे में नाकाम पुलिस ने 17 सितंबर 2016 को केस में एफआर लगा दी थी। जिसके विरोध में डा. गुंजन ने प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की थी। इसके बाद अदालत ने मामले की अग्रिम विवेचना के आदेश पुलिस को दिए थे। अदालत के आदेश पर विवेचना का जिम्मा सीओ सिविल लाइंस को सौंपा गया था। लेकिन केस का खुलासा फिर भी नहीं हुआ। गुंजन ने इंसाफ के लिए हाईकोर्ट में रिट दाखिल की तो उच्च न्यायालय ने 13 मार्च 2019 को डीजीपी को आदेश दिया इस केस की जांच जांच तेज तर्रार व अनुभवी अफसरों से कराई जाए। डा. गुंजन ने 22 मार्च 2019 को अदालत के आदेश की प्रति व अन्य दस्तावेज भी डीजीपी कार्यालय में प्रस्तुत कर दिए। लेकिन अभी केस की विवेचना के लिए अनुभवी अफसरों की टीम गठित नहीं की गई है।