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अपनों के साथ दूसरों के बच्चों की जान से खिलवाड़

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मुरादाबाद।
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वायरल बुखार के साथ -साथ डिप्थीरिया और ब्रोंकालाइटिस बीमारियों से जिले के सैकड़ों बच्चे पीड़ित हैं। डिप्थीरिया से दो बच्चों की मौत तक होने के बावजूद लोग बच्चों के टीका नहीं लगवा रहे हैं। इतना सब कुछ होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीमों को लोगों का ‘मनाही’ झेलनी पड़ रही है। डिप्थीरिया और ब्रोंकोलाइटिस बैक्टीरिया से प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग सोमवार को दूसरे चरण में टीकाकरण अभियान चलाने जा रहा है।
बच्चों को जन्म से लेकर पांच साल की उम्र तक हेपेटाइटिस बी, बीसीजी, पोलियो, रोटा, आईपीवी, पेंटावेलेंट, पीसीवी, बिटामिन ए और डीपीटी के टीके सरकारी अस्पतालों में फ्री में लगते हैं। टीकाकरण से बच्चों में बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक करीब 40 फीसदी लोग बच्चों का पूरा टीकाकरण नहीं कराते हैं। ऐसे में टीकाकरण अधिकारी डा. एससी मिश्रा का कहना है कि मुरादाबाद शहर के लालबाग, चक्कर की मिलक, मिया कालोली, एकता कालोनी और वारसी नगर में घनी आबादी है। इन्हीं इलाकों में सबसे अधिक संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। लोगों में अंधविश्वास और जागरूकता की कमी के चलते लोग बच्चों को टीका नहीं लगवा रहे हैं।
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उनका कहना है कि डिप्थीरिया, ब्रोंकालाइटिस और निमोनिया की शिकायत उन्हीं बच्चों को है जिन्होंने टीके नहीं लगवाए हैं। परिजन टीका लगाने पर बच्चों में कमजोरी आने का तर्क देकर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को वापस लौटा रहे हैं।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दीपक वर्मा के मुताबिक संक्रामक बीमारियां फैलने के बाद जिले के सभी ब्लाकों के प्रभावित इलाकों में टीकाकरण कराया गया है। दूसरा चरण भी सोमवार से शुरू किया जा रहा है। संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए पखवाड़ा मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण नहीं कराने वाले लोग अपने बच्चों के साथ दूसरों के बच्चों के लिए भी खतरा हैं।
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