नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले मुलजिम को एफटीसी प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई, साथ ही दोषी को एक लाख दस हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
मुगलपुरा थानाक्षेत्र में रहने वाली युवती ने तीस अगस्त 2016 को मुगलपुरा थाने में सोमेश निवासी बजीर गंज जनपद बदायूं के खिलाफ केस दर्ज कराया था। युवती ने बताया कि वह अपने दादा के घर बदायूं गई थी। वहां उसकी मुलाकात आरोपी सोमेश से हो गई थी। आरोपी ने उसे दिल्ली में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। वह युवती को अपने साथ दिल्ली ले जा रहा था। इसी दौरान आरोपी युवती को रेलवे स्टेशन से चाऊ की बस्ती में ले गया और यहां युवती के साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि उसने मोबाइल से वीडियो भी बना लिया था। जिसे इंटरनेट पर अप लोड करने की धमकी देकर दिल्ली में भी आरोपी ने युवती के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। जबकि केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस केस की सुनवाई एफटीसी प्रथम संध्या चौधरी की अदालत में चली। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट, गवाह के बयान और दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम सोमेश को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई, जबकि एक लाख दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को लेने के आदेश दिए हैं।