उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल लाने वाले मुरादाबाद के बहुचर्चित गम्मनपुरा कांड के सातवें आरोपी मुर्र्तजा को पुलिस पांच साल बाद गिरफ्तार कर पाई है। तीन सगे भाई समेत चार दलित किसानों की हत्या में फरार चल रहे मुर्तजा पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। शनिवार दोपहर बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक नगर आशीष श्रीवास्तव ने शनिवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता में बताया कि पकड़ा गया आरोपी 50 हजार का इनामी बदमाश मुर्तजा पाकबड़ा थानाक्षेत्र के भाड़ली गांव का निवासी है। 30 अप्रैल 2013 में गम्मनपुरा गांव में चार किसानों की हत्या कर दी गई थी। मरने वालों में तीन सगे भाई थे। मुख्य आरोपी अनीस बैल समेत छह आरोपियों को पहले ही जेल भेजा चुका है। मुर्तजा फरार चल रहा था। शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे उसे महलकपुर तिराहा डींगरपुर रोड से पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से तमंचा बरामद किया गया है। आरोपी बिहार के मुजफ्फरपुर में छिपा था। यहां वह अपनी पहली पत्नी और बच्चों से मिलने आया था।
ये था गम्मनपुरा पुरा कांड
पाकबड़ा थानाक्षेत्र के गम्मनपुरा में तलवार निवासी बदमाश अनीस बैल शराब पीने आता था। अनीस और किसान विजय और उसके भाई सूरज से उसका विवाद हो गया था। पुलिस ने बताया कि अनीस के साथ मारपीट की गई थी। अनीस बैल ने इसका बदला लेने के लिए विजय और सूरज की हत्या करने की साजिश रची। घटना वाली रात विजय अपने भाई सूरज, जसवीर और मनोज के साथ गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर मैंथा की फसल में सिंचाई करने गए थे। यहां अनीस और उसका बेटा उस्मान समेत सात बदमाश पहुंच गए थे। सातों बदमाशों ने चारों किसानों को अगवा कर लिया था और दो किलोमीटर दूर ले जाकर उनकी हत्याएं कर दी थीं और इसके बाद सभी की लाशों को बगिया में गड्ढा खोदकर दबा दिया था।
पांच सौ रुपये के लालच में की थीं हत्याएं
मुरादाबाद। क्राइम बांच की गिरफ्त में आए मुर्तजा ने बताया कि उसने अनीस बैल के साथ चोरी और लूट की घटनाएं की थी। घटना वाली रात वह अनीस बैल के साथ शाहबाजपुर में जुआ खेल रहा था। इसी दौरान अनीस ने उसे पांच सौ रुपये दिए और अपने साथ जंगल में ले लिया। यहां उसने बताया कि चार लोगों को मारना है। हम चारों किसानों को डंडों से पीटते हुए दो किलोमीटर दूर ले गए और हत्या कर दीं थीं।
बीमार होने पर किया परिजनों से संपर्क
मुरादाबाद। मुर्तजा बेहद शातिर बदमाश है। वह घटना के बाद अपना सामान बटोर कर फरार हो गया था। उसने मोबाइल का भी इस्तेमाल नहीं किया। इसके अलावा उसने परिजनों को ये भी नहीं बताया था कि वह कहां जा रहा है। लेकिन पिछले कुछ समय से वह बीमार हो गया था। उसके दोनों फेफड़े खराब हो गए थे। तब उसने परिवार से संपर्क किया। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की तो उसने लोकेशन बिहार में मिली थी।
बिहार में दे रहा था घटनाओं को अंजाम
मुरादाबाद। मुर्तजा ने बताया गम्मनपुरा घटना के बाद वह वह अपनी दूसरी पत्नी रोशन जहां को लेकर बिहार के मुजफ्फरपुर में चला गया था। वहां उसने चोरी की घटनाएं की थी।
आठ दिन हुआ था धरना प्रदर्शन, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने किया गांव में आने का एलान
मुरादाबाद। गम्मनपुरा गांव से चार दलित किसानों के लापता होने के बाद से हड़कंप मच गया था। दलित संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया था। लेकिन पुलिस लापता किसानों को बरामद नहीं कर पाई थी। इस घटना की गूंज लखनऊ तक पहुंची थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने गांव में आने का एलान कर दिया था। हालात बिगड़ने की स्थिति में पुलिस ने आनन फानन में अनीस बैल को गिरफ्तार कर चारों की लाशों बरामद कर ली थी।
इन किसानों की हुई थी हत्या
विजय, सूरज, जसवीर और मनोज
इन बदमाशों ने दिया था घटना को अंजाम
अनीन बैल मुख्य आरोपी, अमीर बख्श, विजय सिंह, अफसर, इरसाद उस्मान और मुर्तजा