गन्ना घटतौली पर शिकंजा कसने के लिए कड़ा निर्णय लिया गया है। अब घटतौली पकड़े जाने पर तौल यंत्र (वेब्रिज) निर्माता कंपनी, तौल साफ्टवेयर देने वाली कंपनी और एएमसी भी आरोपी होंगे। गन्ना खरीदने वाली शुगर मिल और तौल लिपिक के साथ ही इन तीनों को भी जांच रिपोर्ट में नामजद किया जाएगा। गन्ना माफिया पर शिकंजा कसने के लिए कड़ा निर्णय लिया गया है।
गन्ना माफिया पूरे तंत्र पर हावी हो गए हैं। इसकी जानकारी लगातार अधिकारियों को मिल रही थीं। शासन को भी इसकी रिपोर्ट भेजी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि माफिया ने अब तौल यंत्र बनाने वाली कंपनियों और इनकी देखभाल में लगी एजेंसियों से मिलीभगत कर ली है। ऐसे में तौल यंत्र और उसके साफ्टवेयर में ही गड़बड़ी की जा रही थी। इसको देखते हुए शासन ने गन्ना घटतौली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया है।
घटतौली मिलने पर अभी तक संबंधित चीनी मिल और उक्त तौल केंद्र का लिपिक ही जिम्मेदार होते थे। अब वेब्रिज (मूल तौल यंत्र बनाने वाली कंपनी), तौल यंत्र में प्रयुक्त होने वाली साफ्टवेयर (तौल परिणाम इससे ही मिलते है) और एएमसी (एनुअल मेंटेनेंस कांट्रेक्टर- वार्षिक अनुरक्षण अनुबंधक) को भी रिपोर्ट में नामजद किया जाएगा। गन्ना आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी के अनुसार इनको दा लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009 की धारा 49 (2) व नियमावली 2011 के तहत दोषी होंगे। अभी तक घटतौली के 138 बड़े मामले पकड़ में आ चुके हैं।
गन्ना माफियाओं को किसी हाल में सफल नहीं होने दिया जाएगा। गन्ना माफिया से मिलीभगत के मामले सामने आ रहे थे। इसके चलते घटतौली के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों को आरोपी बनाया जाएगा। यह आदेश तत्काल लागू हो गया है।
- राजेश मिश्र, गन्ना उपायुक्त।