लूट व हत्या के मामले में अदालत ने तीन सगे भाइयों को दस-दस साल के कारावास के साथ ही प्रत्येक पर बीस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा न किए जाने की दशा में दोषियों को दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
बदायूं जनपद के थाना इस्लाम नगर के भगतपुर निवासी ऋषि पाल सिंह ने थाना कुढ़फत्तेगढ़ में फरवरी 2013 में अदालत की शरण लेते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। उसमें उसने बताया था कि उसका छोटा भाई अजब सिंह खेती किसानी का काम करता था। उसके गांव के रहने वाले देवराज सिंह, रामजीत, व बलवंत ने अजब सिंह को खेती के लिये अच्छे बैल दिलवाने के लिये नखासा बाजार साथ लाये थे। वादी के भाई के पास चालीस हजार रुपये थे। जो आरोपियों ने विचौटा चौराहे के पास मारपीट कर छीन लिये और उसे मरणासन्न करके छोड़ गये। जिसे वहां से गुजर रहे राहगीरों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम की अदालत में की गई। अदालत ने तीनों आरोपियों को लूट व हत्या में दोषी पाया और तीनों भाइयों को दस साल के कारावास के साथ प्रत्येक पर बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मुकदमे में सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नाहर सिंह त्यागी ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि जुर्माना अदा न किये जाने पर आरोपियोें को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।