मुरादाबाद। ‘भारत बंद’ के दौरान रेलवे ट्रैक पर कब्जा करके बवाल करने वाले 55 लोगों की पहचान कर ली गई है। जीआरपी और आरपीएफ ने वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी के जरिये इनकी पहचान करने का दावा किया है। केस में शामिल करने से पहले रेलवे पुलिस एक बार और इन नामों की तस्दीक कराना चाहती है। इसके लिए स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही है। सोमवार देर रात आरपीएफ और जीआरपी ने एक हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
एससी-एसटी एक्ट में आए फैसले के विरोध में सोमवार को दलित संगठनों ने शहर में जुलूस निकाला था। इसके बाद दो हजार से ज्यादा लोग हंगामा करते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए थे। रेलवे स्टेशन के स्टार्ट़िंग सिग्नल पर लोगों ने ट्रैक पर कब्जा कर लिया था। यहां जमकर हंगामा किया गया था। ट्रेन और मालगाड़ी में तोड़फोड़ की गई थी। जबकि चालक के साथ मारपीट की गई थी। शाम सवा चार बजे लोग ट्रैक से हटे थे। इस मामले में आरपीएफ ने एक हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। जबकि जीआरपी ने 950 लोगों के खिलाफ रेलवे एक्ट और सात क्रिमिनल एक्ट में केस दर्ज किया है। बवाल के दौरान जीआरपी और आरपीएफ ने वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर ली थी। मंगलवार को रेलवे के नुकसान का आंकलन करने के साथ ही आरोपियों की पहचान की गई। सूत्रों की माने तो मंगलवार को दिनभर वीडियो ग्राफ खंगालने के बाद 55 लोगों की पहचान कर ली गई है। इंस्पेक्टर आरपीएफ ने बताया कि वीडियोग्राफी के जरिये पहचान की जा रही है। जीआरपी पंकज पंत ने बताया कि कुछ लोगों की पहचान हुई है। उन्हें केस में शामिल किया जा रहा है।