मुरादाबाद। सीएम योगी आदित्य नाथ के शहर में आने से ठीक पहले पुलिस के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी की पोल खुल गई। एक महिला का आरोप है कि उसके बेटे को हरथला पुलिस चौकी से छोड़ने की एवज में हेड कांस्टेबल ने 25 हजार रुपये की रिश्वत ली। रिश्वत में पांच हजार रुपये कम मिले तो घर जाकर अश्लील हरकतें शुरू कर कीं। विरोध करने पर महिला पर पिस्टल तानकर उसके बेटे को जेल भेजने की धमकी दी। महिला ने एसएसपी से शिकायत की है। एसएसपी ने सिविल लाइन इंस्पेक्टर को जांच सौंपी है। शुक्र वार को आरोपी हेड कांस्टेबल को हरथला पुलिस चौकी से हटा दिया गया है। उसे अगवानपुर पुलिस चौकी भेजा गया है।
शनिवार को सिविल लाइन थाने पहुंची महिला ने बताया कि वाकया 18 जून का है। उसका बेटा एक फर्म में नौकरी करता है। फर्म में ही काम करने वाली एक युवती ने महिला के बेटे पर छेड़खानी का आरोप लगाया। इस मामले में उसके बेटे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और हरथला पुलिस चौकी ले गई। वहां पर महिला को बुलाया गया। महिला सहित अन्य लोगों ने युवक को बेकु सूर बताया लेकिन पुलिस नहीं मानी। महिला का आरोप है कि पुलिस चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल दिनेश यादव ने युवक को हिरासत से छोड़ने की एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बमुश्किल महिला नेे 25 हजार रुपये का इंतजाम कर हेड कांस्टेबल को रकम दे दी। इसके बाद पांच हजार रुपये की रकम और मांगी गई लेकिन महिला ने रकम न होने की बात कही। महिला के बेटे को चौकी से हेड कांस्टेबल ने यह कहते हुए छोड़ दिया कि जल्द ही पांच हजार रुपये और उसके पास पहुंचा दें। इस पांच हजार रुपये का इंतजाम महिला नहीं कर पाई तो अगले दिन हेड कांस्टेबल खुद ही महिला के घर रुपये मांगने पहुंच गया। महिला का आरोप है कि इंकार करने पर अश्लील हरकतें करने लगा। महिला पर पिस्टल तानकर कहा कि कहा कि रकम न मिली तो वह महिला के बेटे को जेल भेज देगा। ऐसी धाराएं लगाएगा कि जमानत हाईकोर्ट से पहले नहीं हो सकेगी। इंस्पेक्टर सिविल लाइन शक्ति सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। उनका कहना है जल्द ही जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपेंगे।
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एसएसपी से शिकायत हुई तो चार हजार रुपये वापस दे गया सिपाही
मुरादाबाद। महिला ने बताया कि वह पिछले चार दिन के अंदर दो बार एसएसपी अमित पाठक से शिकायत कर चुकी है। आरोपी हेड कांस्टेबल को इसका पता चला तो वह महिला के घर पहुंचा। चार हजार रुपये वापस किए और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगा।
बिजली का बिल भरने के लिए रखे रुपये घूस में देेने पडे़
मुरादाबाद। महिला ने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से वह पांच माह से बिजली का बिल भी जमा नहीं कर सकी थी। इस बार बिजली का बिल जमा करने के लिए रुपये इकट्ठा किए थे। लेकिन इस बार भी वह बिजली का बिल न जमा कर सकी। इकट्ठा किए गए रुपये बेटे को चौकी से छुड़ाने के लिए सिपाही को देने पडे़।
महिला के बेटे को पकड़ा लेकिन आरोप गलत: आरोपी
मुरादाबाद। आरोपी हेड कांस्टेबल दिनेश यादव का कहना है कि सारे आरोप गलत है। शिकायत मिलने पर महिला के बेटे को पकड़ा था लेकिन बाद में दोनों पक्षों का समझौता हो गया, जिसके बाद उसके बेटे को छोड़ दिया। न तो उन्होंने महिला से रुपये लिए हैं न ही अश्लील हरकत की और न ही पिस्टल तानी।