मुरादाबाद। कार में लिफ्ट देकर बिजनौर की एक महिला से पांच युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। महिला को पीली कोठी से कार में बैठाया गया था, वारदात को रामगंगा पुल के पास खेत में अंजाम दिया गया। विरोध करने पर तमंचे से गोली मारने की धमकी दी गई। सिविल लाइन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो महिला ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर इस मामले में सिविल लाइन थाने में पांचों आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार की रात नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
महिला ने पुलिस को बताया कि वारदात चार जून की है। वह एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए परिवार के साथ संभल गई थी। वहां से वापस आते वक्त वह मुरादाबाद में सामान की खरीददारी करने के लिए रुक गई थी। सामान खरीदकर वह पीलीकोठी के पास खडे़ होकर बिजनौर जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी कि तभी एक कार वहां आई। कार में बिजनौर के ही पांच लोग कुंदन, तोताराम, गजराम, मुकेश और मन्नू सवार थे। पांचों युवक महिला के जानकार थे, उन्होंने कार में लिफ्ट देने के बहाने महिला को बैठा लिया। कार जब कॉसमॉस अस्पताल के पास पहुंची तो उसे बिजनौर के बजाय अस्पताल के पीछे रामगंगा पुल की तरफ मोड़ लिया गया, महिला ने इसका विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी। कार में ही बंधक बनाकर महिला को रामगंगा पुल के पार खेतों में ले जाया गया। आरोप है कि वहां पर महिला के साथ पांचों युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात की। इसके बाद महिला को बेसुध हालत में वहां छोड़कर आरोपी भाग निकले। वह किसी तरह आरोपियों के जाने के बाद वहां से वापस कांठ रोड पहुंची और परिवार वालों को मामले की जानकारी दी, सूचना पर परिवार वाले मुरादाबाद पहुंचे। जिसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए महिला सिविल लाइन थाने पहुंची लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।