पाकबड़ा (मुरादाबाद)। आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी हत्याकांड के मुख्य आरोपी सपा नेता और पाकबड़ा के पूर्व प्रधान हारून सैफी को पुलिस तीन माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस बीच खुलासा हुआ है कि मुख्य अभियुक्त हारून की बेटी की मांग पर बरेली जोन के पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश ने हत्याकांड की विवेचना को मुरादाबाद से बिजनौर स्थानांतरित कर दिया है। पीड़ित के बजाए आरोपी पक्ष के कहने पर विवेचना बदले जाने से इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस कार्यवाही पर सवाल उठने लगे हैं। एडीजी के इस कदम से पीड़ित परिवार सकते में है। पीड़ित परिवार ने एसएसपी से गुहार लगाई है कि विवेचना स्थानीय पुलिस ही करे। वह विवेचना बदले जाने की शिकायत डीजीपी और राज्यपाल से भी करेंगे।
पाकबड़ा में जुम्मेरात का बाजार मोहल्ला निवासी आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी का अपहरण 27 दिसंबर को हुआ था। 10 जनवरी को पुलिस ने इस मामले में विकास चौधरी को हिरासत में लिया था। उसकी निशानदेही पर कासिम सैफी का शव कंधाला के गांव भाभीसा से बरामद हुआ था। पुलिस ने विकास चौधरी को जेल भेज दिया। पीड़ित पक्ष ने मामले में सही खुलासे की मांग करते हुए हाइवे जाम और थाने में तोड़फोड़ कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने तीन दिन बाद ही सपा नेत्री अलका दूबे और कुलदीप सिंह को भी मामले में गिरफ्तार कर खुलासा किया था कासिम सैफी की हत्या सपा नेता पूर्व प्रधान हारून सैफी ने सुपारी देकर कराई थी। हारून सैफी चार जनवरी को विदेश फरार हो गया था। पुलिस ने हारून को फरार घोषित कर दिया था। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट लेकर पुलिस ने कुर्की ने कार्यवाही भी शुरू कर दी थी। लेकिन इस बीच हारून सैफी ने अपनी बेटी को एडीजी प्रेम प्रकाश के पास भेजकर विवेचना बदलवा ली। एडीजी का आदेश मिलने के बाद एसएसपी ने 19 मार्च को विवेचना बिजनौर ट्रांसफर कर दी। पीड़ित परिवार का कहना है कि रसूख के बल पर विवेचना ट्रांसफर कराई गई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वह इसके खिलाफ राज्यपाल और डीजीपी से शिकायत करेंगे। एसएसपी से मिले परिजनों ने पाकबड़ा पुलिस से ही विवेचना कराए जाने की मांग की है।
एडीजी प्रेम प्रकाश के आदेश का अनुपालन करते हुए आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी की हत्या के मामले की विवेचना को पाकबड़ा से हटाकर बिजनौर भेज दिया गया है। आगे की विवेचना बिजनौर पुलिस करेगी। - जे. रविंदर गौड, एसएसपी।