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कत्ल के बाद कांवड़ मार्ग पर फेंका महिला का शव

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कांठ (मुरादाबाद)।
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कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मुरादाबाद-हरिद्वार हाईवे (कांवड़ मार्ग) पर ड्यूटी के वक्त सैकड़ों पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी की पोल खुल गई है। कांवड़ मार्ग पर छजलैट के लदावली में एक महिला का शव शुक्रवार सुबह पड़ा मिला है। महिला के हाथ, पैर रस्सी से बांधे गए थे। धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी हत्या की गई थी। पुलिस न तो हत्यारों का पता कर सकी है, न ही महिला की शिनाख्त कर सकी है।
शुक्रवार सुबह कांवड़ियों ने 35 से 40 साल के करीब की महिला को हाईवे किनारे पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी। महिला के हाथ और पांव प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे। सफेद कुर्ता और बैंगनी रंग की सलवार पहनी हुई थी। गले में एक दुपट्टा कसकर लपेटा हुआ था। इसे हटाने के बाद ही गला रेते जाने का पता लगा था। घटनास्थल पर खून पड़ा हुआ नहीं मिला है। शव के पास एक पुरुषों वाला पर्स पड़ा था। उसमें दो मोबाइल नंबर लिखी पर्चियां मिली। इनमें से एक पर ‘भड़ाना’ लिखा था लेकिन इस नंबरों पर संपर्क नहीं हो पाया। इन दोनों मोबाइल नंबरों के बारे में सर्विलांस टीम जानकारी जुटा रही है। शव से चार, पांच मीटर की दूरी पर पिट्ठू बैग पड़ा था जिसमें बिंदी, लिपिस्टिक, तेल आदि महिलाओं के इस्तेमाल का सामान था। महिला दोनों पैरों में पाजेब और बिछुए पहने थी। उसके दाहिने हाथ पर बिजेंद्र, गजेंद्र लिखा था। फोरेंसिक टीम के साथ एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस को अंदेशा है कि महिला की हत्या कहीं और करने के बाद शव कांवड़ मार्ग पर फेंका गया है। दोपहर को महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करीब 18 घंटे पहले (बृहस्पतिवार देर शाम या रात) गला रेतकर महिला की हत्या की पुष्टि हुई है। कुचावली के ग्राम प्रधान राकेश कुमार की ओर से पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। महिला के शव की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने आसपास के जनपद की पुलिस को भी सूचना दी है।
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महिला के शव के पास जेंटस पर्स का मिलना एक बड़ा संदेह खड़ा करता है। वहीं शव या आसपास के खेतों में कहीं पर भी खून नहीं मिला है। जबकि महिला की हत्या गला रेतकर की गई थी। पुलिस का तर्क भी है कि यदि हत्या यहां होती तो कहीं न कहीं खून पड़ा मिलता। शव से कुछ दूरी पर पिट्ठू बैग में महिलाओं के इस्तेमाल करने वाली सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुएं मिलना भी एक सवाल है। क्योंकि महिलाएं ऐसे सामान लेडिज हैंड बैग में रखती हैं। पर्चियों पर मिले मोबाइल नंबरों पर संपर्क न होना भी एक षडयंत्र का हिस्सा हो सकता है। महिला के चारों हाथ-पांव बहुत ही कसकर मजबूत रस्सी से बांधे हुए थे। हत्यारों ने गला रेतने के बाद गले में स्टोल भी शायद इसी लिए लपेटा होगा कि खून गिरता हुआ न जाए। मौके पर मिला सामान कहीं हत्यारों ने गुमराह करने के इरादे से तो नहीं डाला है। पुलिस भी योजनाबद्ध तरीके से यहां शव फैंके जाने की बात कह रही है।
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...मृतका की पहचान कराना पुलिस के लिए चुनौती
कांठ। छजलैट के कुचावली के पास हत्याकर महिला का शव फैंके जाने के बाद मृतका की पहचान कराना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। फिलहाल महिला के पास से मिले किसी भी सामान से पुलिस के हाथ कोई ऐसा क्लू हाथ नहीं लगा है जिससे महिला की पहचान आसानी से हो सके। पुलिस फिलहाल शव के पास पड़े मिले पर्स से मिलनी वाली पर्चिंयों में लिखे मोबाइल नंबरों के जरिये ही आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है। महिला की पहचान के बाद ही पता लग पाएगा कि वह कहां की रहने वाली है। उसके साथ क्या घटना घटित हुई है। उसकी हत्या क्यों की गई है। हत्या करने वाले कौन लोग हैं। फिलहाल महिला की पहचान कराने के लिए पुलिस हाथपांव मार रही है। ब्यूरो
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