राज्यमंत्री के दरबार में पहुंची तब दर्ज हुई रेप की रिपोर्ट
बिहार की महिला को अगवा कर तीन दिन तक किया गया था रेप
दो नामजद, दो महिलाओं समेत छह के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी।
आखिरकार बिहार की महिला को 11वें दिन राज्यमंत्री गुलाब देवी के जनता दरबार से न्याय की उम्मीद जगी है। राज्यमंत्री गुलाब देवी के पति रामपाल सिंह के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने छह व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। चंदौसी पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। दुष्कर्म के आरोपियों व स्थान तय करने की जांच सीओ गुन्नौर को सौंपी गई है।
बिहार के जनपद दरभंगा के थाना बहेरा के एक गांव निवासी महिला सोमवार को राज्यमंत्री गुलाब देवी के जनता दरबार में पहुंची। राज्यमंत्री गुलाब देवी लखनऊ में हैं। राज्यमंत्री गुलाब देवी के पति रामपाल सिंह को महिला ने पूरी घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी लेने के बाद जीआरपी थानाध्यक्ष राम कुंवर सिंह और कोतवाली प्रभारी अनिल समानिया को मौके पर बुलाया। सभी के सामने महिला ने गैंगरेप और बेटी को छीनने की पूरी दास्तां सुनाई। रामपाल सिंह ने पुलिस अधीक्षक रविशंकर छवि से बातचीत कर मामला समझाया। इसके बाद चंदौसी कोतवाली पुलिस ने महिला के साथ हुई दरिंदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। कोतवाली पुलिस ने थाना गुन्नौर के सिंगोला गांव निवासी महेंद्र व जय सिंह समेत दो अज्ञात महिलाओं समेत छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की प्रारंभिक जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने महिला को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा है।
साहब मेरी कोई गलती नहीं फिर इतनी बड़ी सजा किस बात की ?
चंदौसी। साहब! मेरी कोई गलती नहीं फिर इतनी बड़ी सजा किस बात की मिल रही है? मेरी बेटी मुझे कब मिलेगी? मैं पढ़ी लिखी नहीं हूं। मुझे आरोपियों के बारे में जानकारी नहीं है। कोई तो मेरी मदद करो। पीड़ित असहाय महिला की आंखों से गिरते टप टप आंसू और दोनों जुड़े हुए हाथ सिस्टम की पोल खोल रहे थे। जिम्मेदार मदद की जगह अपना क्षेत्र और सीमाएं नापने में मशगूल थे। अपनी विफलता छिपाने के लिए एक से बढ़कर एक जवाब देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे थे।
11 दिन से मुसीबतों से लड़ रही है भूखी प्यासी महिला और उसका बेटा
चंदौसी। महिला पिछले 11 दिन से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए अपने दस वर्षीय बेटे के साथ भूखी प्यासी सिस्टम से लड़ रही है। संवदेनहीनता की पराकाष्ठा और समाज की कड़वी सच्चाई से मां बेटे रूबरू हो रहे हैं। न जाने कितने लोगों को आपबीती सुना चुके हैं? लेकिन सोमवार को राज्यमंत्री के दरबार में जाकर न्याय की आस जगी है।
पुलिस की जांच में शामिल हो सकते हैं यह बिंदु
चंदौसी। बेशक महिला बिहार की रहने वाली है। उसे स्थानीय जानकारी नहीं है। बकौल महिला घटना के बाद उसे बबराला रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठाया गया है। वह गुन्नौर कोतवाली में भी गई थी। लेकिन वहां उसकी फरियाद नहीं सुनी गई। साफ है कि घटना स्थल और आरोपी बबराला के आसपास के हो सकते हैं। दूसरी अहम बात यह है कि महिला ने बताया है कि उसका मोबाइल आरोपियों ने छीन लिया है। मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर घटना स्थल का पता लगाया जा सकता है। फिलहाल महिला का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। आखिरी कॉल या फिर कनेक्टिविटी की जानकारी से भी घटना स्थल का पता चल सकता है।
-बिहार की पीड़ित महिला की रिपोर्ट चंदौसी कोतवाली में दर्ज करा दी गई है। घटना स्थल की जांच की जिम्मेदारी सीओ गुन्नौर को सौपी गई है। कल तक कुछ स्थिति साफ हो पाएगी कि आखिरकार घटना स्थल कहां का है, कौन आरोपी हैं। वास्तविक मामला क्या है। -रविशंकर छवि पुलिस अधीक्षक संभल
-बिहार की महिला है, जो पिछले कुछ समय से पानीपत में रहती है, बदायूं जनपद के जरीफनगर थाने के सिंगौला गांव में बेटी से मिलने आई थी, आरोप हैकि उसकी बेटी को अगवाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की बात कही जा रही है, बबराला में किसी कांस्टेबल ने उसे कुछ रुपये देकर आगे भेज दिया। राज्यमंत्री के आदेश पर चंदौसी में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। सिंगौला में मैं खुद पहुंचा हूं, जांच कर रहा हूं, कल तक कुछ स्पष्ट हो पाएगा। -प्रवीण मलिक सीओ गुन्नौर