मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा के करीब दो साल पुराने नावेद हत्याकांड में जिला जज शशिकांत शुक्ला की अदालत ने गुरुवार को तीन मुलजिमों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि तीनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। इस केस के दो आरोपी नाबालिग हैं। इनकी फाइल की सुनाई किशोर न्यायालय में है।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने बताया कि 17 मार्च 2017 को ठाकुरद्वारा के सुल्तानपुर दोस्त गांव निवासी मो. हनीफ के बेटे नावेद को गोली मार दी गई थी। गांव में मंगला कश्यप के मकान के पास वह लहूलुहान अवस्था में पड़ा मिला था। उसे फोन कर बुलाया गया था। परिजन उसे अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। मो. हनीफ की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस ने तफ्तीश की तो आसिफ पुत्र खलील अहमद, असलम पुत्र इस्लाम, योगेश पुत्र हरपाल और दो नाबालिग आरोपियों के नाम सामने आए थे। नावेद से आरोपियों ने रुपये उधार लिए थे। वापस न देने पड़े। इसलिए उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने तफ्तीश पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले की सुनवाई जिला जज शशिकांत शुक्ला की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से डीजीसी संजीव अग्रवाल और एडीजीसी नितिन गुप्ता ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। जिसमें ग्यारह लोगों की गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम आसिफ, असलम और योगेश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों को अर्थदंड से दंडित किया है।