नकली और नशे की दवाओं का केंद्र बना मुरादाबाद बना हुआ है। यहीं से देश के कई राज्यों में नकली और नशे की दवाओं की सप्लाई होने का खुलासा अधिकारियों ने किया है। इतना ही नहीं नकली दवा बनाने वाले अपना ठिकाना भी बदलते रहते हैं। अधिकारियों की धरपकड़ के बावजूद नकली दवा के इन धंधेबाजों पर अंकुश नहीं लग पा है।
दो महीने से प्रदेश के औषधि विभाग के अधिकारियों की टीम ने रुड़की में नकली दवा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। वहां पर देश की 15 नामचीन कंपनियों की महंगी दवाओं की नकल तैयार की जा रही थी। इन नकली दवा बनाने वालों का कारनामा ऐसा था कि असली कंपनियों के प्रतिनिधि भी पैकिंग देखकर चकरा गए थे। बैच नंबर तक नकल किया जा रहा था। नकली दवा की पहचान चिकित्सक तक नहीं कर पाते हैं। मुरादाबाद से ही इन नकली दवाओं के कारोबार का नेटवर्क है, जिसकी आपूर्ति पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर, मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, हापुड़, बिजनौर, अमरोहा, संभल और रामपुर से जगह-जगह बदलकर यूपी के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की जाती रही है।
यहां पकड़े गए बड़े मामले
सात फरवरी - भोजपुर में पकड़ा गया नकली दवाओं का भंडार
आठ फरवरी - अमरोहा में पकड़ी गईं लाखों की नकली दवा
13 फरवरी - गलशहीद में पकड़ी गई कई लाख की नकली दवा
15 फरवरी - प्रिंस रोड पर नकली दवा बनाने की डीके फार्मा कंपनी पकड़ी गई
16 मार्च - गलशहीद में कई लाख की सैंपल की दवा का जखीरा पकड़ा गया
24 मार्च - संभल में कई लाख की नकली दवा पकड़ी गई
26 मार्च - अमरोहा के हसनपुर में पांच करोड़ की नकली दवा पकड़ी गईं
25 मई - रेती स्ट्रीट में लाखों की नकली दवा पकड़ी गईं
21 जून - नेशनल मेडिकल हाल पर पकड़ा गया अवैध दवाओं का जखीरा
22 जून - मूढ़ापांडे में नकली दवाओं का जखीरा और झोलाछाप चिकित्सक पकड़ा
24 सितंबर - मुगलपुरा के वारसी नगर में लाखों रुपये मूल्य की नकली दवाएं पकड़ी गईं
25 सितंबर - करुला में पांच लाख से ज्यादा की नकली दवाएं पकड़ी
27 सितंबर - बिजनौर में लाखों रुपये की नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा गया
29 सितंबर - संभल में लाखों रुपये की नकली व नशे की दवाओं का भंडार पकड़ा गया
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