मुरादाबाद। शहर विधायक रितेश गुप्ता के कर्मचारी के अपहरण की वारदात में अगले ही दिन कई झोल निकल आए है, शहर के बीचोंबीच हुई वारदात ने पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया। लेकिन जब फरियादी अनिल सैनी से पूछताछ शुरू हुई तो वह बार-बार अपने बयान बदलने लगा। घटनास्थल, वारदात का तरीका, कार का रंग सब कुछ बदल गया। फरियादी का यह तर्क पुलिस के गले नहीं उतर रहा कि शुक्रवार को घबराहट के कारण उससे गलत बयानी हो गई। विधायक ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस अब सारी कड़ियाें को जोड़कर यह समझने का प्रयास कर रही है कि वास्तव में हुआ क्या होगा।
कंप्यूटर आपरेटर अनिल ने शनिवार को लूट की धारा में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि शुक्रवार रात करीब नौ बजे वह इंपीरियल तिराहे पर अमरोहा जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। एक सफेद कार वहां आकर रुकी, कार सवार दो युवकों में से एक ने उससे गाजियाबाद का रास्ता पूछा। रास्ता बताने के साथ ही वह लिफ्ट मांगकर कार में सवार हो गया। दो अन्य युवक भी सवारी बनकर कार में बैठे। कार जीरो प्वाइंट के पास पहुंची तो एक युवक ने उसकी कनपटी पर तमंचा सटा दिया। विरोध करने पर उसे मारा पीटा। पर्स में रखे पचपन सौ रुपये , बैग में रखे साढे़ सात हजार रुपये भी लूट लिए। मोबाइल और पेन ड्राइव छीन ली। एटीएम कार्ड छीन लिया। इसके बाद उसे रामपुर बाइपास की ओर ले जाया गया, रास्ते में कार टीपी नगर की ओर मोड़ ली। वहां पर एक पेट्रोल पंप के पास कार रोकी। एटीएम कार्ड का पिन उससे पूछा और एक बदमाश पेट्रोल पंप के बगल में स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से रुपये निकालने के लिए गया। बैंकखाते में रुपये नहीं थे, इस वजह सेे नहीं निकाले जा सके। बदमाशों को लगा कि उसने पिन गलत बताया है, जिससे उसे दोबारा पीटा। आपरेटर को बदमाश कुंदरकी ले गए जहां मिन्नतें करने पर जंगल में फेंक दिया। अनिल के पास एक और मोबाइल था, जिसकी बैट्री निकालकर आरोपियों ने फेंक दी और भाग गए। इसके बाद अनिल किसी तरह हाईवे पर पहुंचा और एक खोखे पर पहुंचकर साथी मोनू को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस से संपर्क किया और वापस मुरादाबाद पहुंचा। एसएसपी जे रविंद्र गौड ने बताया कि शिकायतकर्ता ने पहले अपहरण की सूचना दी अब वह कुछ और कह रहा है। ऐसे में जांच के लिए एसपी सिटी को कहा है। एटीएम बूथ के बाहर एक संदिग्ध कार सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, इसके बारे में जांच की जा रही है। कार नंबर का पता नहीं चला है।
रात से बदलनी शुरू हो गई थी कहानी, फु टेज ने पकड़ा झूठ
मुरादाबाद। शुक्रवार देर रात तक पुलिस आपरेटर को अपहरण कर लूट की कहानी में उलझी रही। रात को एसपी सिटी अंकित मित्तल ने भी करीब एक घंटे तक आपरेटर से पूछताछ की लेकिन वह सच बोलने से कतराता रहा। घटनास्थल रात से ही बदलना शुरू हो गया था। वह कभी तो धर्मकांटे के पास से अपहरण करना बताता तो कभी कुछ दूर पीछे से। पुलिस ने सुबह को घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की तो मदद नहीं मिली। ऐसे में पुलिस को शक हो गया। दोपहर तक पूछताछ में सख्ती की जाने लगी तो उसने अपहरण की जगह खुद ही कार में बैठना स्वीकार किया।
मोबाइल नंबर से मिलेगी मदद
मुरादाबाद। एटीएम बूथ में गए आरोपी ने एटीएम से रुपये न निकलने पर अपने दूसरे साथी को कॉल की थी, ऐसे में उस वक्त घटनास्थल के पास इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर का ब्यौरा खंगाला जा रहा है। जिससे बदमाशों को ट्रेस करने में मदद मिलेगी।