मुरादाबाद। पुलिस ने खुलासा किया है कि गुलफाम ने फर्जी मतदाता पहचान पत्र के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि उसने किस तरह से पहचानपत्र बनवाया था। इतना ही नहीं गुलफाम राशन ़डीलर भी रह चुका है। विस्तृत जांच के लिए पुलिस उसकी कॉल डिटेल भी खंगाल रही है। जिससे कि पता चल सके कि वह छह माह के अंदर किन लोगों के संपर्क में था। फर्जी पासपोर्ट बनवाने के पीछे उसका क्या मकसद था। इस प्रकरण में दूसरे नाम से पासपोर्ट के रिपोर्ट लगाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई के संकेत मिले हैं।
शनिवार को पुलिस की एक टीम ने उसके गांव जाकर यह जानकारियां जुटाईं। इस समय वह गांव से भागा हुआ है। सीओ हाईवे राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस की टीम लगी है, उम्मीद है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। मूंढापांडे के अफजलपुर गांव में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर गुलफाम पर आरोप है कि उसने इरफान के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया है। इस मामले में उसके खिलाफ मूंढापांडे थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
गांव जाते अधिकारी तो खुल जाती गुलफाम की पोल
मुरादाबाद। पासपोर्ट बनवाने के लिए गुलफाम ने खुद को इरफान बताकर आवेदन किया और उसका पासपोर्ट बनकर तैयार भी हो गया, वेरिफिकेशन करने वाले व्यक्ति अगर गांव जाकर उसके बारे में जानकारी करते तो पोल खुल सकती थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसी तरह कुछ माह पहले मुगलपुरा निवासी आतंकी फरहान ने भी फर्जी पासपोर्ट तैयार करवा लिया था।
चौकी इंचार्ज से लेकर कई पर हो सकती है कार्रवाई
मुरादाबाद। एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि गुलफाम को पासपोर्ट जारी करने के वक्त बरती गई लापरवाही की जांच कराई जा रही है। तत्कालीन चौकी इंचार्ज के बारे में पता किया जा रहा है। इसके अलावा थाने में उसका आपराधिक रिकॉर्ड होने के बाद भी पासपोर्ट वेरिफिकेशन कर देना भी जांच का बिंदू है।