मझोला पुलिस ने 108 एंबुलेंस में चालक के पद पर नौकरी और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर ठगी के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से एक लाख रुपये, दो लग्जरी कार, 32 नकली डीएल, 14 मोबाइल, छह फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए गए हैं। इनके फरार चार साथियों की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी है।
पुलिस ने ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने वाले बीए पास प्रशांत कुमार निवासी फतेहपुर हाल पता लक्ष्मी नगर (दिल्ली), अब्दुल रऊफ, अवनीश कुमार निवासी संभल, विनोद यादव निवासी गोरखपुर, पुष्पेंद्र निवासी कानपुर, जागेश्वर यादव, रविंद्र कुमार सिंह, सोनेलाल और संजू कुमार निवासी लखनऊ को गिरफ्तार कि.ा है। ज्यादातर आरोपी 12वीं पास है। इन आरोपियों में से रविंद्र, सोनेलाल और संजू कुमार जीवीके कंपनी में नौकरी करते हैं, यह कंपनी ही 108 एंबुलेंस में कर्मचारियों की तैनाती करती है। इस कंपनी की ओर से यूपी में अलग अलग जिलों में नौकरी के लिए समय समय पर आवेदन मांग़ती हैं।
एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि नौकरी के लिए आने वाले आवेदकों में से कुछ लोगों को इस गिरोह के सदस्य नौकरी दिलाने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाते हैं। एक आवेदक से करीब 40 हजार रुपये तक की रकम ऐंठ ली जाती है। जिन आवेदकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होते हैं, उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नाम पर भी हजाराें रुपये एेंठ लिए जाते थे। इसके बाद आवेदकों को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस थमा दिए जाते थे। आरोपियाें ने संभल के बहजोई निवासी वीरेश कुमार और पुष्पेंद्र को चालक की नौकरी दिलाने के नाम पर 66 हजार रुपये की ठगी की थी। इसकी शिकायत मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को बृहस्पतिवार रात दिल्ली रोड से गिरफ्तार किया है। इनके चार साथी हिमांशु, अभिषेक, अजय कुमार और सरोज मौर्य फरार हैं। एक साल से यह गिरोह सक्रिय है, सौ से अधिक लोगों से लाखों रुपये की ठगी का अंदेशा है।
गोरखपुर से मंगवाए जाते है फर्जी डीएल
सीओ सिविल लाइन अपर्णा गुप्ता ने बताया कि फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस गोरखपुर के एक युवक से ये आरोपी मंगवाते थे। बरामद फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बिल्कुल असली जैसा दिखता था। इसकी आसानी से पहचान कर पाना मुश्किल है। आरोपियाें को ड्राइविंग लाइसेंस मुहैया कराने वाले की भी तलाश की जा रही है। इन डील की परिवहन विभाग की ओर से भी जांच कराई जाएगी।
मनोहरपुर में ठगों को देख शिकायतकताओं ने किया पुलिस को फोन
मुरादाबाद।
मझोला के मनोहरपुर गांव में बृहस्पतिवार को जीवीके कंपनी की ओर से भर्ती प्रक्रि या के लिए कैंप लगाया गया था। वहां पर शिकायतकर्ता वीरेश कुमार पुष्पेंद्र पहुंच गए। दोनों से बिजनौर में भर्ती प्रक्रिया के दौरान ठगी की वारदात पहले की गई थी। आरोपियों को देखकर शिकायत कर्ताओं ने पुलिस को सूचना दी तो वह पकड़ में आए। पुलिस ने बताया कि मौज मस्ती के लिए आरोपी युवक ठगी की वारदात करते हैं। एक आरोपी के मोबाइल में पिस्टल के फोटो भी मिले हैं, जिसके बारे में छानबीन की जा रही है।