जिले में पहले भी घूस लेते कई अधिकारी रंगे हाथ पकड़े गए हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में कार्रवाई अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाती। नगर निगम के एक जेई को करीब तीन साल पहले घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। पकड़ा गया जेई आज भी निगम में काम कर रहा है। ठाकुरद्वारा में करीब चार साल पहले एक तहसीलदार को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत लेते पकड़ा था लेकिन इस कार्रवाई को भी एंटी करप्शन ब्यूरो अंजाम तक नहीं पहुंचा सका। आवास विकास का ही एक अन्य अधिकारी करीब चार साल पहले घूस लेते पकड़ा गया था। एंटी करप्शन की तुलना में सीबीआई की एंटी करप्शन विंग द्वारा पकड़े गए अधिकारियों के खिलाफ ज्यादा कड़ी कार्रवाई हुई है। सीबीआई द्वारा घूस लेते पकड़ा गया रेलवे का एक इंजीनियर पिछले सात साल से जेल में हैं। जबकि एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा पकड़े गए अधिकारी जमानत पर छूटे और फिर समय के साथ उनके केस भी छूटते चले गए।
एमडीए का जेई भी भ्रष्टाचार में फंसा
एमडीए के जेई विक्रम सिंह के खिलाफ मंगलवार को ही गाजियाबाद में सतर्कता अधिष्ठान ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एमडीए के कई अभियंता भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे हैं। एमडीए अभियंताओं पर अवैध निर्माणों को लेकर हमेशा से ही सवाल उठते रहे हैं। यही वजह है कि वीसी कनक त्रिपाठी की सख्ती के बाद भी शहर में अवैध निर्माण रुक नहीं पा रहे हैं।