मुरादाबाद। करीब पांच साल पहले संभल के बनियाठेर इलाके में छेड़खानी का विरोध करने पर किशोरी को जिंदा जलाकर मार डालने के आरोपी तीन युवकों को दोषी करार देते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं न्यायाधीश आठ संजीव कुमार त्यागी की अदालत ने तीन मुलजिमों को 75-75 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
संभल जनपद के बनियाठेर थानाक्षेत्र के एक गांव में आठ सितंबर 2013 को सोलह वर्षीय एक किशोरी को रईस, सरफराज और जावेद उर्फ जाकिर अगवा कर कर ले गए थे। रईस किशोरी के साथ छेड़खानी करता था। विरोध करने पर उसे अगवा कर ने की धमकी दी थी। इसके आरोपियों ने किशोरी के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए थे। किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता की ओर से ही इस मामले में केस दर्ज किया गया था। पांच माह बाद इलाज के दौरान किशोरी की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि सभी के खिलाफ अदालत अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आठ संजीव कुमार त्यागी की अदालत में चली। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एमपी सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिमों को दोषी करार दिया। अदालत ने रईस, सरफराज और जावेद उर्फ जाकिर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि तीनों को 75-75 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को जेल भेज दिया गया।