मुरादाबाद। सास - बहू को पेड़ से बांधकर पीटे जाने की घटना में आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने से आहत पीड़ित परिवार ने गांव से पलायन की चेतावनी दी है। पीड़ित परिवार ने शनिवार को अफसरों से मिलकर कार्रवाई की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री को भी चिट्ठी भेजकर इंसाफ मांगा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पूरी घटना में पुलिस के एक दरोगा और बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों की भी शह है। एफआईआर कमजोर धाराओं में दर्ज करने का भी आरोप लगाया है।
पाकबडा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर फलैदा गांव में खेत में लाइन खींचने का विरोध करने पर सास बहू को शुक्रवार को पेड़ से बांधकर पीटे जाने की घटना सामने आई थी। सुल्तानपुर फलैदा निवासी ठाकुर दत्त शर्मा के खेत में बिजली की लाइन बिछाई जा रही थी। ठाकुर दत्त शर्मा खेत के सहारे सहारे बिजली लाइन डालने की मांग कर रहे थे। दूसरा पक्ष बीच खेत के बीच में से लाइन निकालना चाहता था। ठाकुर दत्त का आरोप है कि उनके एतराज के बावजूद जब दूसरा पक्ष बिजली विभाग से मिलकर उनके खेत से जबरन बिजली लाइन खिंचवाने लगा तो उन्होंने इसका विरोध किया। तभी थाने के एक दरोगा ने उन्हें ले जाकर थाने में बंद कर दिया। पीछे से ग्रामीण की पत्नी और पुत्रवधु ने अपने खेत से लाइन खींचे जाने का विरोध किया तो बिजली विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में दूसरे पक्ष ने दोनों को पेड़ से बांधकर पीटा। सुल्तानपुर फलैदा गावं निवासी बॉबी और पप्पू के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट करने की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज की थी लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एसओ पाकबड़ा नीरज शर्मा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
बिजली विभाग भी सवालाें के घेरे में
मुरादाबाद। दोनों पक्षों के बीच झगडे़ की वजह खेत के ऊपर से बिजली की लाइन खींचना है। ऐसे में सवाल ये है कि जब खेत मालिक ठाकुर दत्त शर्मा विरोध जता रहे थे तो खेत के ऊपर से बिजली की लाइन खींचने के लिए बिजली विभाग क्यों तैयार हो गया है, सर्वे करने वालों पर भी सवाल उठ रहे हैं। जबकि नियम यह है कि किसान की अनुमति के बगैर उसके खेत के ऊपर से बिजली लाइन नहीं खींची जा सकती।