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लालच ने डूबो दी सालों की कमाई..

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मुरादाबाद।
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अगर आप भी किसी ऐसी फाइनेंस कंपनी में रकम जमा करने की सोच रहे हैं, जो कि आपके मूलधन पर बैंक से कई गुना ज्यादा ब्याज देने का झांसा दे रही हैं तो सावधान रहें। इस तरह की कई फर्जी कंपनियां खोलकर सौ से अधिक लोगों से ठगी की जा रही है। ठगी की यह रकम 20 करोड़ से भी अधिक बताई जा रही है। इस संबंध में दस से अधिक रिपोर्ट जनपद के अलग अलग थानों में डेढ़ साल में दर्ज हो चुकी हैं।
इन दस से अधिक एफआईआर में 40 से 50 लोगों के खिलाफ शिकायत की गई थी। इनमें से महज दस से 15 आरोपियाें को ही पुलिस की टीमें अब तक गिरफ्तार कर सकी हैं। ज्यादातर आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अभी साक्ष्य एकत्रित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रहीं हैं। ज्यादातर आरोपी अपना घर और कार्यालय बंद कर भागे हुए हैं।
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केस एक:
दस प्रतिशत ब्याज दिलाने का झांसा देकर दस करोड़ की ठगी
मुरादाबाद। थाना सिविल लाइन में दस करोड़ रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने एक फर्जी फाइनेंस कंपनी अपने घर में ही खोली थी। आसपास कंपनी का प्रचार प्रसार कर लोगों को दस प्रतिशत ब्याज देने का झांसा देकर दस करोड़ रुपये जमा करवा लिए थे। इसके बाद जब रकम लौटाने का वक्त आया तो आरोपी अपना घर छोड़कर ही भाग गए। अब तक आरोपियों में से एक भी नहीं पकड़ा गया है।

केस दो
दोगुनी रकम और प्रापर्टी का झांसा देकर एक करोड़ ठगे
मुरादाबाद। सिविल लाइन में पीली कोठी के पास एक फाइनेंस कंपनी का कार्यालय खोला गया। इस कार्यालय में लड़कियों को भी नौकरी दी गई। विज्ञापन के जरिए लोगों को कंपनी में रकम जमा करने पर दोगुना फायदा करवाने या दोगुनी कीमत की प्रापर्टी देने का झांसा दिया गया और करीब एक करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई थी। इस मामले में आठ से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, तीन आरोपी अब भी वांछित हैं।

केस तीन:
दिल्ली रोड पर कार्यालय खोलकर लाखों की चपत लगाई
मुरादाबाद। दिल्ली रोड स्थित एक शापिंग कॉम्पलैक्स में दो़ साल पहले चिटफंड कंपनी का कार्यालय खोला गया, जिसमें करीब 35 से अधिक लोगों से लाखों रुपये जमा करवा लिए गए। उनको रकम पर प्रतिमाह करीब आठ प्रतिशत का ब्याज देने का झांसा दिया गया। इसके अलावा मूलधन की रकम भी डेढ़ गुना देने का वादा कि गया था। अचानक कंपनी ने एक साल बाद ही कार्यालय बंद किया और रुपये लेकर पदाधिकारी भाग गए। इस संबंध में मझोला थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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‘ लोगों को फंसाने के लिए चिटफंड कंपनियों के कर्मचारी लुभावने ऑफर देते हैं। इस वजह से लालच में फंसकर लोग अपनी जमापूंजी को इन कंपनियों में लगा देते हैं। रकम इकट्ठा होने के बाद इन कंपनियों का कार्यालय बंद कर भाग जाते हैं। ऐसी कंपनियों से सावधान रहना चाहिए। किसी भी फाइनेंस कंपनी में रकम जमा करने से पहले ग्राहक उसकी पुख्ता जानकारी कर लें।’
अंकित मित्तल, एसपी सिटी
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