शिब्बू उर्फ गुड्डू हत्याकांड में आखिरकार पुलिस के हत्थे उसका साढू़ आ ही गया है। उसने खुलासा किया है कि वारदात की रात गुड्डू की पत्नी के साथ उसी कमरे में था कि तभी गुडडू की नींद खुल गई। उसने विरोध किया और शोर मचाने लगा तो तुरंत दोनों ने मिलकर अंगौछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद गुडडू के शव को उसकी पत्नी के साथ मिलकर ई-रिक्शा में रखा और तालाब में फेंककर आ गया था। आरोपी साढू़ को पुलिस ने गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
एसएचओ मझोला विकास सक्सेना ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी अफसर अली निवासी गांगन वाली मैनाठेर है। गुड्डू के भाई मुमताज ने पुलिस को बताया कि एक दिसंबर को गुड्डू, पत्नी नुसरत और तीन बेटियों के साथ पत्नी की बड़ी बहन इशरत निवासी गांगन वाली मैनाठेर आया था। उसी रात से गुड्डू लापता हो गया था, इस संबंध में मझोला थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई गई थी। 15 दिन बाद गांगन वाली मैनाठेर में तालाब के अंदर गुुड्डू का शव मिला था। मुमताज ने गुड्डूू की हत्या में उसकी पत्नी नुसरत, नुसरत की बड़ी बहन इशरत, जीजा अफसर और ससुर असगर के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इशरत को पुलिस जेल भेज चुकी है लेकिन अफसर अली ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि उसकी पत्नी बेकसूर है। अफसर ने बताया कि गुड्डू और उसके बीच प्रेम संबंध थे। एक दिसंबर की रात को नशे में होने के कारण गुडडू समेत परिवार के सभी सदस्य सो गए थे तो वह नुसरत से मिलने के लिए उस कमरे में गया, जिसमें वह पति के साथ सो रही थी। वहां दोनों एक साथ थे कि तभी गुड्डू नींद से जाग गया। उसने पत्नी नुसरत और अफसर को एक साथ देखकर विरोध जताया तो दोनों ने मिलकर कमरे में ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को तालाब में फेंक आए और सुबह गुड्डू की गुमशुदगी का ड्रामा रच दिया, जिससे कि हत्याकांड को छिपाया जा सके। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस वारदात में नामजद आरोपियों को भी मामले की जानकारी थी, उन्होंने पुलिस से सच छिपाया।
वारदात के बाद अफसर भाग गया था बिहार
मुरादाबाद। वारदात के बाद अफसर बिहार में अपनी ससुराल भाग गया था। पुलिस ने उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मामला ठंडा होता देख अफसर बिहार से वापस अपने बच्चों से मुलाकात करने आया था कि तभी पुलिस ने एक सूचना पर उसे बृहस्पतिवार को मझोला से ही गिरफ्तार किया।