रविवार देर शाम जिला अस्पताल में गंभीर घायल मासूम को भर्ती करने से इंकार करने पर परिजनों ने डेढ़ घंटे तक जमकर हंगामा किया । उसी के बाद डाक्टरों ने मासूम का प्राथमिक उपचार कर मेरठ मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया लेकिन बीच रास्ते में अमरोहा के पास मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ परिजन और मोहल्ले वालों में जबरदस्त आक्रोश है।
मुगलपुरा के बरबलान में रहने वाले आटो चालक मोहम्मद फहीम का बेटा अफ्फान (4) रविवार को शाम छत पर था। छत से पैर फिसलने के कारण वह नीचे गिर गया और उसके सिर में गुम चोट आई थी। उसे उपचार के लिए उसका चाचा फैसल शाम सात बजे जिला अस्पताल लेकर आया। आरोप है कि डॉक्टर ने उपचार करने से इंकार कर दिया और निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। आर्थिक तंगी की वजह से परिवार वालों ने बच्चे को निजी अस्पताल में ले जाने से इंकार कर दिया। अस्पताल स्टाफ के रवैये से खफा फैसल ने परिवार तथा पड़ोस के अन्य लोगों को सूचना दी तो वह भी आ गए। थोड़ी देर में जिला अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। डॉक्टर से नोकझोंक हुई, परिजनों के समर्थन में जिला अस्पताल में अन्य मरीजों के तीमारदार भी आ गए। लोगों के दबाव में डॉक्टर ने रात साढे़ आठ बजे बच्चे को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया, तब जाकर परिजन शांत हुए। नौ बजे उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर कॉल की गई, दस मिनट में एंबुलेंस पहुंची लेकिन उसका टायर पंचर था। दूसरी एंबुलेंस रात सवा दस बजे आई। बच्चे को लेकर वह लोग दिल्ली जे जाने लगे लेकिन रास्ते में ही उसकी सांस थम गई। अमरोहा में डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। परिवार वाले रोने लगे, सूचना मिलने पर घर में कोहराम मच गया। इस संबंध में सीएमएस का बयान लेने का प्रयास किया गया लेकिन देर रात संपर्क नहीं हो सका है।
मामला दो:
वैवाहिक समारोह में छत से गिरकर युवक जख्मी
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। मझोला के ढक्का में एक वैवाहिक समारोह में उस वक्त अफरा तफरी मच गई जब छत से गिरकर एक युवक जख्मी हो गया। उसको उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने हालत गंभीर बताकर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है। परिजनों ने अस्पताल में उपचार न किए जाने पर हंगामा किया।
ढक्का निवासी ई-रिक्शा चालक शावेज (20) रविवार दोपहर परिवार के साथ पड़ोस में आयोजित एक वैवाहिक समारोह में गया था। पड़ोसी के मकान की छत पर नाच, गाने का कार्यक्रम चल रहा था, इस दौरान ही शावेज का पैर फिसल गया। वह छत से नीचे गिरकर गंभीर घायल हो गया है। परिजन शावेज को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज का उपचार करने से इंकार कर दिया और उसे निजी अस्पताल में ले जाने के लिए कहा तो परिजनों ने हंगामा किया, इसके बाद मरीज को दूसरे अस्पताल ले गए।