स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को अपंजीकृत डाक्टरों के क्लीनिकों पर ताबड़तोड़ छापामारी की। छापे की भनक लगते ही कई अपंजीकृत डाक्टर क्लीनिक बंद कर भाग गए। टीम ने अलग-अलग इलाकों में 10 क्लीनिकों की जांच की। इनमें अपंजीकृत डाक्टरों के तीन क्लीनिकों को सील कर दिया।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. डीके प्रेमी ने बताया कि मलिन बस्ती एवं ग्रामीण इलाकों में अपंजीकृत डाक्टरों के क्लीनिक चलाने की शिकायतें मिल रही थी। ग्रामीणों ने कुछ अपंजीकृत डाक्टरों की वीडियो तक बनाई थी। वीडियो मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी थी। कई झोलाछाप डाक्टरों की शिकायत सीएम के पोर्टल पर की थी। शिकायतों के आधार पर शुक्रवार को एक टीम बनाकर ताबड़तोड़ छापे मारे गए।
डा. प्रेमी ने बताया कि टीम ने 10 क्लीनिकों की जांच की। इनमें तीन क्लीनिक बगैर लाइसेंस चलते मिले। टीम ने खुशहालपुर स्थित डा. निजाम, डा. आलम और भोला सिंह की मिलक स्थित डा. शौकीन के क्लीनिक को सील कर दिया। इन क्लीनिकों को अवैध तरीके से चलाया जा रहा था। इनमें ओपीडी चलाकर मरीज देखे और भर्ती किए जाते थे। मरीजों से मनमानी फीस वसूली जाती थी। डा. प्रेमी ने बताया कि छापे में कई क्लीनिक बंद मिले। छापामारी की भनक लगने पर झोलाछाप अपने क्लीनिकों में ताले लगाकर भाग खड़े हुए। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि अपंजीकृत डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। टीम में अश्वनी और हिमांशु गुप्ता मौजूद रहे।