फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कागजों में श्मशान भूमि, मौके पर सिर्फ शिलापट

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। कस्बे में श्मशान घाट भूमि पर भी अवैध कब्जा हो गया है। मौके पर सिर्फ शिलापट इस बात की गवाही दे रहा है। यही कारण है कि विधायक के प्रयास से मंजूर हुई धनराशि के बाद भी श्मशान घाट का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

महानगर से सटे 60 हजार की आबादी वाले कस्बा पाकबड़ा में एक भी श्मशान नहीं है। यहां से पांच किलोमीटर दूर गांगन नदी किनारे खुले में या फिर 20 किलोमीटर दूर बृजघाट जाकर शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। क्षेत्रीय कांठ विधायक राजेश चुन्नू ने मार्च महीने में श्मशान घाट निर्माण के लिए 28 लाख 79 हजार रुपये शासन से मंजूर कराए, लेकिन इसके निर्माण के लिए अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है, जबकि राजस्व अभिलेखों में अलग अलग तीन जमीनें श्मशान घाट के नाम दर्ज हैं। एक स्थान पर पत्थर भी लगा है, लेकिन यहां पर गहरा खड्ढ और दूसरी तरफ खेत हैं। इससे साफ है कि श्मशान घाट की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। मामले सामने आया तो अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।
श्मशान भूमि से कब्जा हटवाने का हिंदू जागरण मंच ने किया एलान
हिंदू जागरण मंच के जिला मंत्री आनंद प्रकाश ने बताया कि शमशान की तीनों जमीनों पर अवैध कब्जा है। उन्होंने जिलाधिकारी और शासन से शिकायत करके श्मशान की घाट की जमीन को खाली कराने की मांग की है। जल्द ही कब्जा न हटा तो हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता कब्जा हटवा देंगे।
विज्ञापन

विधायक बोले, जल्द ही होगा श्मशान घाट का निर्माण
कांठ विधायक राजेश कुमार चुन्नू ने कहा है कि उन्होंने एक साल पहले ही श्मशान घाट निर्माण के लिए शासन को पत्र लिखा था, जिसके बाद एक मार्च 2021 को 28 लाख 79 हजार रुपये की धनराशि पाकबड़ा में श्मशान निर्माण के लिए मंजूर कर दिए गए। जिला प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने को कहा है। राजस्व अभिलेखों में अलग अलग स्थानों पर तीन गाटा संख्या में श्मशान के नाम भूमि दर्ज है, जिसमें से उपयुक्त भूमि पर श्मशान घाट बनवाया जाएगा।
जमीन की व्यवस्था नहीं हो पाई है, इसलिए निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। अवैध कब्जा हटाने के लिए राजस्व विभाग से मदद मांगी गई है।
संजय तिवारी, ईओ।
पाकबड़ा में श्मशान भूमि की बाबत जानकारी नहीं है। यदि राजस्व अभिलेखों में श्मशान भूमि दर्ज है तो संबंधित गाटा संख्या की जांच कर जमीन खाली कराई जाएगी। भूमि उपलब्ध है तो उसी स्थान पर श्मशान का निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन

प्रशांत तिवारी, एसडीएम सदर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें