जेल की दीवार फांदकर फरार होने की वजह से सुर्खियों में आए बंदी लाल सिंह
उर्फ लालू को अदालत ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। लालू
संभल में एक नर्सिंग होम में कंपाउंडर था और करीब छह साल पहले उसने नर्सिंग
होम संचालक के मैंथा कारोबारी भाई के घर लूट के दौरान उनके नौकर की हत्या
कर दी थी। तभी से जिला जेल में बंद है।
संभल
जिले में बहजोई थाना क्षेत्र के गांव पंवासा निवासी लाल सिंह उर्फ लालू
पुत्र राकेश सिंह संभल में डा. राजेश अग्रवाल के संजीवनी नर्सिंग होम में
बतौर कंपाउंडर काम करता था। नर्सिंग होम संचालक के भाई विनोद कुमार अग्रवाल
पुत्र रामपाल अग्रवाल निवासी दुर्गा कालोनी का मैंथा का काम है और वह
संजीवनी में ही मेडिकल स्टोर भी चलाते हैं।
विनोद अग्रवाल की किसी बात पर
कंपाउंडर लाल सिंह से कहासुनी हुई थी जिसके बाद लाल सिंह को नौकरी से निकाल
दिया गया था। बदला लेने के लिए लाल सिंह ने 22 नवंबर 2009 को विनोद
अग्र्रवाल के दुर्गा कालोनी स्थित घर पर धावा बोलकर लूटपाट की थी और घर पर
मौजूद उनके नौकर सुनील कुमार निवासी हयातनगर की नृशंसता से हत्या कर दी थी।
पुलिस पूछताछ में लाल सिंह ने बताया था कि वह डाक्टर के भाई विनोद अग्रवाल
को खत्म करने गया था लेकिन इत्तिफाक से घटना वाले दिन विनोद मय परिवार
मुरादाबाद आ गए थे। पुलिस ने घटना के कुछ घंटे बाद ही लाल सिंह को उसकी
प्रेमिका के साथ पकड़ लिया था। लाल सिंह को जेल भेज दिया गया था।
ट्रायल के
दौरान लाल सिंह 19 फरवरी 2015 की रात दीवार फांदकर जेल से भाग गया था और
सात दिन तक पुलिस को छकाने के बाद बमुश्किल हाथ आया था। लाल सिंह के खिलाफ
हत्या का मुकदमा एडीजे तीन वीएस पटेल की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष
एडीजीसी अकरम खां ने रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने लाल सिंह उर्फ लालू को
हत्या का दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा
सुनाई।