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Moradabad: ताऊ-भतीजे की हत्या में चार को आजीवन कारावास, 16 साल पहले दोहरे हत्याकांड से दहल उठा था पूरा गांव

Tue, 20 Sep 2022 09:33 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

अदालत ने दोहरे हत्याकांड मामले में पिता-पुत्र समेत चार मुलजिमों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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मुरादाबाद के मूंढापांडे इलाके के सोलह साल पुराने दोहरे हत्याकांड में एडीजे (चार) की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने पिता-पुत्र समेत चार मुलजिमों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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मूंडापांडे थाना क्षेत्र के नाजरपुर भारत सिंह गांव निवासी यशपाल ने आठ नवंबर 2006 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया कि उसके पिता जमुना प्रसाद ने गांव के उत्तर पश्चिमी दिशा ओर जंगल तोड़ कर करीब ढाई बीघा जमीन खेती योग्य बनाई थी। इस जमीन को वादी के रिश्ते के ताऊ महावीर सिंह अपनी बताते थे पिछले दो सालों से वादी और उसका परिवार ही जमीन पर खेती कर रहा था। आठ नवंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह अपने पिता जमुना प्रसाद और भाई गिरिराज को साथ लेकर जमीन जोतने गए थे।

इसी दौरान दूसरे पक्ष से गिरीश पाल पुत्र गजराम ने हमेंदेख कर अपने घर सूचना दे दी। जिसके बाद महेश पुत्र महावीर, ताहर पुत्र गजराम, दिनेश, सियाराम पुत्रगण रघुवीर, प्रेमपाल पुत्र अशोक, ईश्वर दयाल पुत्र किशन सिंह, अर्जुन पुत्र ईश्वर दयाल, हरिओम पुत्र महावीर, रतिराम, महावीर पुत्रगण शिव चरण, और चंद्रपाल पुत्र किशन सिंह आ गए। जिनके हाथों में लाठी डंडे और हथियार थे। जिन्होंने हमें देखते ही मारपीट करनी शुरू कर दी।

शोर मचाने पर हमारे घर के ताऊ बदन सिंह पुत्र टीकाराम, ओमपाल, छत्रपाल, केदार किशन पाल और सगी बहन जयदेई, बट्टू आ गए। जिन्हें देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी।  जिससे मेरे भाई गिरिराज की मौके पर ही मौत हो गई , जबकि ताऊ बदन सिंह की अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई थी। अन्य परिवार के लोग घायल हो गए। जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ शैलेन्द्र सचान की अदालत में पेश हुआ। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार सिंह और दिनेश कुमार कश्यप ने बताया कि मुकदमे के दौरान आरोपी ताहर सिंह, रतिराम, महावीर और चंद्रपाल की मृत्यु हो चुकी है। जबकि गिरीश पाल,महेश, दिनेश, प्रेमपाल, और हरिओम के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलने के कारण उन्हें दोष मुक्त किया गया। मुकदमे के अन्य आरोपी ईश्वर दयाल, उसके बेटे अर्जुन और भतीजे सियारा को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार देते हुए। आजीवन कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
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